राजनांदगांव जिला स्वास्थ्य समिति अंतर्गत चिकित्सा अधिकारी, ग्रामीण चिकित्सा सहायक और विकासखण्ड चिकित्सा अधिकारी की बैठक में कलेक्टर ने कम संस्थागत प्रसव पर नाराजगी जताई। कम प्रगति वाले सब सेंटर, पीएचसी की गहन समीक्षा की तथा संस्थागत प्रसव में कमी दिखने पर नाराजगी जाहिर की। कलेक्टर ने कहा कि प्राथमिकता देते हुए जिले में संस्थागत प्रसव को बढ़ाने की आवश्यकता है। कलेक्टर सिंह ने कहा कि राजनांदगांव जिला आयुष्मान कार्ड निर्माण में प्रदेश में पांचवें स्थान पर है। अब तक 86.3 प्रतिशत जनसंख्या का कवरेज करते हुए आयुष्मान कार्ड बनाया गया है। उन्होंने राष्ट्रीय तम्बाकू नियंत्रण कार्यक्रम अंतर्गत लगातार कार्रवाई जारी रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि स्कूल-कालेज से लगे दुकानों में तम्बाकू से जुड़े उत्पादों पर प्रतिबंध लगाने के लिए कड़ी कार्रवाई करें। उन्होंने जिले में संस्थागत प्रसव को बढ़ाने के निर्देश दिए। उन्होंने विकसित भारत संकल्प यात्रा के दौरान छूटे हुए लोगों को लक्षित करते हुए उनका आयुष्मान कार्ड बनाने एवं वितरण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इस कार्य में गति लाते हुए प्राथमिकता के आधार पर करें। जिन गांव में विकसित भारत संकल्प यात्रा अंतर्गत मोबाईल वैन पहुंच रही है, वहां पहले मुनादी करवा दें। अंधत्व निवारण कार्यक्रम 26 तक करने का लक्ष्य कलेक्टर सिंह ने कहा कि राष्ट्रीय अंधत्व निवारण कार्यक्रम अंतर्गत 26 जनवरी तक शत-प्रतिशत मोतियाबिंद को दूर करने के लिए मोतियाबिंद से प्रभावित मरीजों के आंख के ऑपरेशन करने का लक्ष्य रखें। इसके लिए शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में मुनादी कराएं तथा पंचायतवार, ग्रामवार मरीजों को चिन्हित करें और उन्हें ऑपरेशन करने के लिए प्रेरित करें। सभी प्राथमिक एवं सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र तथा मितानिन इसके लिए सक्रियतापूर्वक कार्य करें। इसमें स्वयं सेवी संस्था उदयाचल का भी सहयोग लें।

By kgnews

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