राजनांदगांव , जिलेभर की कुल 96 में करीब 70 समितियों में 15 करोड़ रुपए का 50 हजार क्विंटल धान का उठाव नहीं किया जा सका। जिले में 31 मई की स्थिति में करीब 79 समितियों में 17 करोड़ का 56 हजार क्विंटल धान का उठाव नहीं किया जा सका था। उठाव की अंतिम तिथि 31 मई के बाद शेष धान का उठाव करने राइस मिलर्स, समिति प्रबंधकों और ट्रांसपोर्टरों को उठाव में तेजी लाने सख्ती बरती गई। इसके बाद भी विगत 10 दिनों में रोज 500 क्विंटल, करीब 5 हजार क्विंटल का उठाव किया गया।
जिले में समर्थन मूल्य पर 31 जनवरी 2025 तक कुल 62 लाख क्विंटल धान की सरकारी खरीदी की गई। खरीदी खत्म होने के चार माह बाद भी जिले की कुल 96 में 31 मई 2026 की स्थिति में 79 समितियों में 17 करोड़ का 56 हजार क्विंटल धान उठाव नहीं किया गया था। फरवरी से मई चार माह तक धान खुले आसमान के नीचे पड़ा है। तेज धूप और भीषण गर्मी पड़ी। शुरूआती दिनों में इसकी सुरक्षा की गई लेकिन बाद में व्यवस्था चरमरा गई। इस बीच धान सूखता गया तो कभी बेमौसम बारिश में भीगने की वजह से खराब हुआ।
जिले की 96 में 70 समितियों में शेष, करीब 26 में पूरा उठाव: केवल शहर के आसपास ढाबा, भानपुरी, गठुला, सांकरा, तुमड़ीबोड, खुर्सीटिकुल, कोलिहापुरी, तेंदूनाला, दीवानभेड़ी, कन्हारपुरी से पूरा धान उठाया गया। वहीं अब अन्य समितियों से उठाव चल रहा है। लेकिन अब तक पूरा धान नहीं उठाया गया है। कई समितियों में सूखत की जांच चल रही। जहां ज्यादा सूखत मिला वहां रिकवरी के लिए दबाव बनाया गया समिति प्रबंधकों पर कार्रवाई की गई। समिति प्रबंधक तेज धूप, मवेशियों, चूहों, पक्षियों द्वारा ज्यादा मात्रा में सूखत आने का हवाला भी दे रहे। लेकिन जांच में कई घोटाले सामने आ चुके है।
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