राजनांदगांव, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने अपनी 8 सूत्रीय मांगों पर सोमवार को हड़ताल की। कलेक्ट्रेट के सामने एक दिवसीय हड़ताल कर आवाज बुलंद की। रैली निकाली और पीएम नरेन्द्र मोदी एवं मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नाम ज्ञापन सौंपा। उन्होंने अपनी मूलभूत और बुनियादी सुविधाओं पर सहानुभूति पूर्वक विचार कर इसे पूरा करने की मांग को लेकर नारेबाजी की। उन्होंने कहा 2 अक्टूबर 1975 से सेवा दे रहे। केन्द्र और राज्य सरकारी की योजनाओं को घर.घर तक पहुंचाने में उनकी अहम भूमिका रहती है।
देश की 27 लाख आंगनबािड़यों में 50 साल से सेवा देने के बाद भी कर्मचारी का दर्जा नहीं मिलाए न ही अब तक न्यूनतम मजदूरी पेंशन ग्रेच्युटीए समूह बीमा का लाभ मिला है। केन्द्र सरकार ने पारिश्रमिक मानदेय के रूप में 4500 रुपए एवं सहायिका को 2250 रुपए दिया जा रहा जो न्यूनतम वेतन से कम है। मांग करने पर केन्द्र सरकार राज्य सरकार के कर्मचारी होने की बात कहते पल्ला झाड़ लेती है। केन्द्र और राज्य में भाजपा की सरकार होने के बाद भी मांग पूरी नहीं हो रही। उन्होंने सोमवार को हड़ताल कर अपनी मांगों को दोहराया।
आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को तृतीय श्रेणी और सहायिकाओं को चतुर्थ श्रेणी का शासकीय कर्मचारी घोषित करें। शिक्षाकर्मीए पंचायत कर्मी की तरह नीति बना कर शासकीय कर्मी का दर्जा दिया जाए। प्रतिमाह 26 हजार एवं सहायिका को 21100 वेतन प्रदान किया जाए। सेवानिवृत्त होने पर पेंशनए ग्रेच्युटीए समूह बीमाए कैश लेस चिकित्सा का लाभ मिले। सहायिका को कार्यकर्ता के पद में एवं कार्यकर्ता को सुपर वाइजर में पदोन्नति प्रदान करें।
