एसबीआई के पूर्व मुख्य प्रबंधक से ठगी करने वाले दो आरोपितों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। गुढ़ियारी पुलिस और साइबर क्राइम की टीम ने संयुक्त कार्यवाई करते हुए दिल्ली से आरोपितों को गिरफ्तार किया है।
एसबीआई के मुख्य प्रबंधक के पद से रिटायर हुए शुक्रवारी बाजार निवासी ज्ञान सिंह साहू से खुद को बीमा कंपनी का कर्मचारी बताकर ठगों ने दो लाख 58 हजार रुपये की ठगी की थी। पुरानी दिल्ली के न्यू अशोक नगर से प्रेमकुमार साव और धमेंंद्र कुमार महतो ने इस वारदात को अंजाम दिया था।
आरोपितों के पास से स्वेपिंग मशीन, भारी मात्रा में डेबिट कार्ड, हिसाब किताब औऱ फोन नंबर की डायरी समेत एक लाख रुपये नगदी बरामद हुआ है।पुलिस का कहना है कि कर्मचारी बीमा ग्रुप इन्श्योरेंस की राशि भुगतान करने के नाम पर देश भर में अब तक लाखों रुपये की ठगी करने वाले अंतरराज्यीय आरोपित पुलिस के हाथ लगे हैं।
आरोपित मूलतः बिहार के रहने वाले हैं। पूछताछ में आरोपितों ने स्वीकारा है कि वे स्वयं को भविष्य निधि कार्यालय दिल्ली का अधिकारी बताते थे। ठगी करने के लिए दिल्ली में एक हाईटेक काल सेंटर बना रखें हैं। स्वयं की पहचान छिपाने के लिए आरोपित स्थानीय व्यक्ति से बातचीत व मेल-मिलाप नहीं करते थे।
पुलिस ने बताया कि तकनीकी विश्लेषण एवं दस्तावेजों के आधार आरोपितों का लोकेशन दिल्ली में मिला था। जिस पर उपनिरीक्षक सेराज खान के नेतृत्व में टीम दिल्ली रवाना हुई थी। लगातार एक सप्ताह तक कैंप करते हुए टीम के सदस्यों द्वारा आरोपितों की पहचान सुनिश्चित करने एवं आरोपियों के निवास स्थान को चिन्हांकित करने में सफलता प्राप्त हुई।
छापेमारी में आरोपित धर्मेंद्र कुमार महतो एवं प्रेम कुमार साव को पकड़ने में सफलता मिली। टीम द्वारा कड़ाई से पूछताछ करने पर आरोपितों ने बताया कि वे लोग सेवानिवृत्त अधिकारियों, कर्मचारियों को अपने झांसे में लेते हैं। पूछताछ में आरोपियों द्वारा अब तक देश भर में अलग -अलग व्यक्तियों से लाखों रुपये की ठगी करने की बात स्वीकार ली है।
गिरफ्तार गिए गए बदमाशों में डिघवारा जिला सारण छपरा (बिहार) का धर्मेंद्र कुमार महतो, प्रेम कुमार साव हैं। आरोपितों को गिरफ्तार करने में थाना गुढ़ियारी से उपनिरीक्षक सेराज खान, आर. राजेन्द्र तिवारी, दीनदयाल सिंह एवं साइबर सेल से आरक्षक सुरेश देशमुख का विशेष योगदान रहा।
