भोपाल 
उप मुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा है कि "पोलियो मुक्त भारत" हमारी सामूहिक जागरूकता और जनसहभागिता का परिणाम है। इसे बनाए रखने के लिये निरंतर सजग रहना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि भारत के कुछ सीमावर्ती राष्ट्रों में अभी भी पोलियो के प्रकरण पाए जा रहे हैं, ऐसे में हमारी सतर्कता ही बच्चों की सुरक्षा है। इसी उद्देश्य से 12 से 14 अक्टूबर 2025 तक प्रदेश के 18 जिलों अनूपपुर, बैतूल, भिंड, भोपाल, छिंदवाड़ा, दतिया, देवास, ग्वालियर, नर्मदापुरम, जबलपुर, कटनी, खंडवा, खरगौन, मंडला, मंदसौर, मुरैना, नरसिंहपुर एवं नीमच — में राष्ट्रीय पल्स पोलियो अभियान का अतिरिक्त चरण संचालित किया जा रहा है।

अभियान के दौरान 18 जिलों में 39.19 लाख बच्चों को पोलियो की खुराक पिलाने का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिये 64 हजार वैक्सीनेटर्स कार्यरत रहेंगे। प्रथम दिवस यानि पोलियो रविवार को 24 हजार पोलियो बूथ बनाये गये हैं और 7 हजार टीमें घर-घर जाकर बच्चों को दवा पिलाने का कार्य प्रारंभ करेंगी। दूसरे और तीसरे दिन कुल 31 हजार टीमें घरों का भ्रमण कर छूटे हुए बच्चों को दवा पिलाएंगी। प्रदेश के मेला स्थलों, बाजारों, एयरपोर्ट, रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड, तथा अन्य प्रमुख सार्वजनिक स्थलों पर 1400 ट्रांजिट बूथ स्थापित किए जा रहे हैं। यह सुनिश्चित करने के लिये कि "एक भी बच्चा पोलियो दवा से वंचित न रहे", उच्च जोखिम वाले क्षेत्रों जैसे — ईंट भट्टे, क्रेशर स्थल, निर्माणाधीन क्षेत्र, घुमक्कड़ एवं झुग्गी बस्तियाँ, स्लम, पैरी-अर्बन और दुर्गम वनग्राम में 500 मोबाइल टीमें सक्रिय रूप से कार्य करेंगी। 

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