मानसि‍क स्वास्थ्य पहल से विद्यार्थियों के समग्र विकास को मिलेगा नया आयाम

आर.सी.वी.पी. नरोन्हा प्रशासन अकादमी में सहायक कुलसचिव एवं प्रभारी प्राचार्य के लिए प्रशिक्षण

भोपाल
उच्च शिक्षा विभाग द्वारा आर.सी.वी.पी. नरोन्हा प्रशासन एवं प्रबंधकीय अकादमी, शाहपुरा भोपाल में सहायक कुलसचिव एवं प्रभारी प्राचार्यों के लिए पांच दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में विषय-विशेषज्ञों द्वारा विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों के बारे में जानकारी दी जा रही है।

गुरुवार को प्रशिक्षण कार्यक्रम में कुलसचिव व प्रभारी प्रचार्य को विद्यार्थियों के मानसिक स्वास्थ्य को सुदृढ़ बनाने की दिशा में किए जा रहे प्रयासों की विस्तृत जानकारी दी गई। इस अवसर पर विशेष कर्तव्यस्थ अधिकारी डॉ. ऊषा नायर ने कहा कि विद्यार्थियों के मानसिक स्वास्थ्य एवं भावनात्मक सशक्तिकरण को प्राथमिकता देते हुए उच्च शिक्षण संस्थानों में विभिन्न स्तरों पर सकारात्मक पहल की जा रही हैं। इन प्रयासों का उद्देश्य विद्यार्थियों के शैक्षणिक विकास के साथ-साथ उनके मानसिक, भावनात्मक एवं सामाजिक कल्याण को सुनिश्चित करना है।

डॉ. नायर ने कहा कि इन पहलों के माध्यम से विद्यार्थियों के भावनात्मक स्वास्थ्य में उल्लेखनीय सुधार होगा। परामर्श, मार्गदर्शन, जागरूकता कार्यक्रमों एवं सहयोगात्मक गतिविधियों के जरिए विद्यार्थी तनाव, चिंता और भावनात्मक दबाव को बेहतर ढंग से समझ सकेंगे। इससे उनमें आत्मविश्वास, सकारात्मक सोच तथा जीवन के प्रति संतुलित दृष्टिकोण का विकास होगा। उन्होंने कहा कि समय पर परामर्श, सहायता एवं संवेदनशील वातावरण के निर्माण से जोखिम की स्थिति में मौजूद विद्यार्थियों को आवश्यक सहयोग मिल सकेगा, जिससे न केवल मानसिक स्थिरता सुनिश्चित होगी बल्कि जीवन की रक्षा भी संभव हो पाएगी। इन पहलों के माध्यम से एक स्वस्थ, सुरक्षित एवं सहयोगात्मक शैक्षणिक वातावरण का निर्माण होगा, जहां प्रतिस्पर्धा के साथ-साथ सहानुभूति, सहयोग और समग्र विकास पर भी समान रूप से ध्यान दिया जाएगा।

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मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रमों के अंतर्गत शिक्षण संस्थानों और मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञों के बीच समन्वय एवं सहयोग को भी सुदृढ़ किया जाएगा। मनोवैज्ञानिकों, परामर्शदाताओं एवं प्राध्यापकों के संयुक्त प्रयासों से एक प्रभावी सहयोग तंत्र विकसित होगा, जो विद्यार्थियों की आवश्यकताओं के अनुरूप समय पर सहायता और मार्गदर्शन उपलब्ध कराएगा। प्रशिक्षण कार्यक्रम में प्रदेश के 20 विश्वविद्यालयों के सहायक कुलसचिव एवं 20 महाविद्यालयों के प्रभारी प्राचार्य उपस्थित रहे।

 

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