भोपाल
मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी ने उपभोक्ताओं की मीटर रीडिंग में लापरवाही बरतने के आरोप में सेवा प्रदाता कंपनी के माध्यम से कंपनी कार्यक्षेत्र में कार्यरत 33 मीटर वाचकों तथा 9 अन्य आउटसोर्स कर्मियों को ड्यूटी से पृथक करने की कार्यवाही की गई है। साथ ही 40 आउटसोर्स कर्मियों को कार्य में लापरवाही बरतने के चलते चेतावनी जारी की गई है।
मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी ने बताया है कि उपभोक्ताओं के परिसर में स्थापित मीटर की फोटो मीटर रीडिंग में लापरवाही बरतने और गलत मीटर रीडिंग लेने पर मीटर वाचकों पर सख्त कार्यवाही किये जाने के निर्देश जारी किये गये हैं। कंपनी कार्यक्षेत्र के रायसेन में 1, सीहोर में 2, दतिया में 3, राजगढ़ में 3, भोपाल में 5, ग्वालियर शहर में 2 बैतूल में 1, भोपाल ग्रामीण में 5, ग्वालियर ग्रामीण में 4, हरदा में 2, मुरैना में 2, नर्मदापुरम में 8, श्योपुर में 2, शिवपुरी में 2 तथा विदिशा में 2 आउटसोर्स मीटर वाचक तथा अन्य आउटसोर्स कर्मियों को आदेशों की अवहेलना और मीटर वाचन में लापरवाही बरतने के आरोप में सेवा से पृथक किया गया है।
मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के प्रबंध संचालक क्षितिज सिंघल ने मैदानी अधिकारियों और कर्मचारियों को निर्देशित किया है कि उपभोक्ताओं के परिसर पर एक्युरेसी शुद्धता के साथ मीटर वाचन होना चाहिए और मीटर रीडिंग के आधार पर ही उपभोक्ताओं को विद्युत देयक दिए जाएं। उन्होंने स्पष्ट किया है कि मीटर वाचकों के कार्य पर निष्ठा एप के द्वारा निगरानी रखी जाए और जो मीटर वाचक कर्तव्य पालन में लापरवाही बरत रहे हैं, उन्हें सेवा से पृथक किया जाए।
प्रबंध संचालक ने कहा कि उपभोक्ता सेवा सर्वोपरि है। उपभोक्ताओं को कंपनी बेहतर से बेहतर सेवाएं देने के लिए कृत संकल्पित है और इसी दिशा में काम किया जा रहा है। उन्होंने उपभोक्ताओं को जागरूक रहने के लिए कहा है कि जब उनके परिसर की मीटर रीडिंग होती है तो वे मीटर वाचक द्वारा ली गई रीडिंग और मीटर में दर्ज रीडिंग पर नजर रखें ताकि सही देयक मिल सके। मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के प्रयास हैं कि बिलिंग संबंधी शिकायतों को शून्य लेवल पर लाया जाए। कंपनी के प्रबंध संचालक क्षितिज सिंघल ने कहा कि फोटो मीटर रीडिंग निष्ठा एप के माध्यम से की जा रही है। दरअसल फोटो मीटर रीडिंग ऐसी प्रक्रिया है जिसमें मानवीय हस्तक्षेप बिल्कुल नहीं है और मीटर वाचन में अंकित वाचन की फोटो खींचकर सिस्टम में अपलोड की जाती है। कंपनी के शहरी क्षेत्रो में क्यूआर कोड लगाने के कारण भी फायदा मिला है एवं इससे मीटर वाचन की प्रक्रिया जल्दी संपादित हो रही हैं।
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