हिंदी विभाग में संजोने का किया जा रहा है काम
राजनांदगांव । दिग्विजय स्नातकोत्तर महाविद्यालय राजनांदगांव के पूर्व सहायक प्राध्यापक एवं नगर के दिवंगत साहित्यकार डॉ चंद्रकुमार जैन के साहित्य को शासकीय दिग्विजय स्नातकोत्तर महाविद्यालय राजनांदगांव के हिंदी विभाग में संजोने का काम किया जा रहा है। इस क्रम में स्व. चंद्रकुमार जैन के मौलिक साहित्य सहित उनके निजी पुस्तकालय की लगभग नब्बे हजार रुपए मूल्य की पुस्तकों को हिंदी विभाग में सूचीबद्ध कर संग्रहीत किया गया है। उल्लेखनीय है कि डॉ जैन के परिजनों द्वारा उनके साहित्य को महाविद्यालय में दिया गया था। इस बारे में हिंदी विभागाध्यक्ष डॉ शंकर मुनि राय ने बताया प्राचार्य डॉ किरणलता दामले ने पुस्तकों को हिंदी विभाग में सुरक्षित रखने और उसके सही उपयोग की अनुमति हिंदी विभागाध्यक्ष को दे दी है। डॉ चंद्रकुमार जैन को याद करते हुए विभागाध्यक्ष डॉ शंकर मुनि राय ने बताया कि डॉ जैन की मौलिक रचना कृतियों सहित उनके निजी पुस्तकालय की 138 पुस्तकों की सूची तैयार कर ली गई है, जिनका मूल्य 85804 रुपए है। प्राचार्य डॉ किरणलता दामले ने कहा कि ये पुस्तकें हमारी साहित्यिक विरासत हैं। इन्हें संजोकर रखना हमारा कर्तव्य है। इससे विद्यार्थियों और शोधार्थियों को बहुत लाभ मिलता रहेगा।
