सागर
मध्य प्रदेश के सागर में आयकर विभाग ने पूर्व बीजेपी विधायक हरवंश सिंह राठौर के भाई कुलदीप राठौर, पूर्व बीजेपी पार्षद व बीड़ी व्यवसायी राजेश केशरवानी के घर छापा मारा है. वहीं आयकर विभाग की दबिश के बाद पूरे इलाके में हड़कंप मचा है. फिलहाल अधिकारी गेट बंद कर दस्तावेज खंगाल रहे हैं. रविवार की अलसुबह भोपाल से करीब 10 गाड़ियों से आयकर विभाग की टीम सागर पहुंचीं.
बीड़ी उद्योगपति कुलदीप सिंह के घर IT का छापा
दरअसल, रविवार की सुबह आयकर विभाग की टीम पूर्व बीजेपी विधायक हरवंश सिंह राठौर के भाई और बीड़ी उद्योगपति कुलदीप सिंह और पूर्व बीजेपी पार्षद और बीड़ी व्यवसायी राजेश केशरवानी के घर और दफ्तर पर दबिश दी, जिससे पूरे इलाके में हड़कंप मच गया. फिलहाल आयकर विभाग की टीम घरों और दफ्तरों में जांच कर रही है. जानकारी के मुताबिक, आयकर विभाग ने आय से अधिक संपत्ति के मामले में कार्रवाई की है.
10 गाड़ियों से सागर पहुंचे अधिकारी
सागर जिले के नामी बीड़ी कारोबारी कुलदीप सिंह राठौर के घर पर विभाग की टीमे पहुंची है. इसके साथ ही बीजेपी के पूर्व पार्षद राजेश केशरवानी के घर पर भी छापेमारी की कार्रवाई जारी है.
बंडा से पूर्व विधायक और भाजपा जिला अध्यक्ष की रेस में शामिल हरवंश सिंह राठौर के भाई कुलदीप राठौर के मकान पर सुबह आयकर विभाग पहुंची है. सुबह करीब 6 बजे भोपाल से करीब 10 गाड़ियों से आयकर की टीमें सागर पहुंचीं.
खंगाले जा रहे दस्तावेज
आयकर विभाग ने सदर क्षेत्र में स्थित राठौर बंगले और सागर के परकोटा स्थित राजेश केशरवानी और राकेश छाबड़ा के घर पर कार्रवाई चल रही है. जानकारी के मुताबिक, आयकर विभाग के अफसर संपत्ति से जुड़े दस्तावेजों की जांच-पड़ताल कर रहे हैं.
जानकारी के अनुसार, प्रदेश सहित के कई हिस्सों में राठौर परिवार की संपत्तियां है. वहीं आयकर विभाग को बीड़ी कारोबार और घोषित संपत्तियों से जुड़े लेन-देन में अनियमितताओं की शिकायतें मिली थीं, जिसके बाद IT ने जांच शुरू की.
खुद विधायक और पिता रह चुके शिवराज के कार्यकाल में मंत्री
हरवंश सिंह राठौर 2013 में सागर जिले की बंडा विधानसभा से विधायक थे. इसके अलावा उनके पिता हरनाम सिंह राठौर शिवराज सरकार में मंत्री रह चुके हैं. हरनाम सिंह राठौर के दोनों बेटे हरवंश और कुलदीप राठौर राजनीति में खासे एक्टिव हैं, और इस समय दोनों ही भाजपा जिला अध्यक्ष पद के लिए दावेदारी कर रहे हैं. ऐसे में इनकम टैक्स की रेड दोनों की दावेदारी को कमजोर कर सकती है.
छापे में हो सकता है बड़ा खुलासा
माना जा रहा है कि इस छापेमार कार्रवाई में बड़ी मात्रा में अघोषित संपत्ति और नकदी का खुलासा हो सकता है. ऐसा इसलिए क्योंकि राठौर परिवार के सागर जिले में कई बिजनेस हैं, इसके अलावा प्रॉपर्टी का काम भी बड़े लेवल पर किया जाता है. फिलहाल आयकर विभाग के अफसर संपत्ति से जुड़े दस्तावेजों की जांच-पड़ताल कर रहे हैं.
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