राजनांदगांव | जिले की सैकड़ों मितानिन, मितानिन प्रशिक्षक, ब्लॉक समन्वयक और स्वास्थ्य पंचायत समन्वयक कलेक्ट्रेट पहुंचे। इन महिलाओं ने पिछले तीन महीनों से लंबित प्रोत्साहन राशि और क्षतिपूति की मांग की है। महिलाओं का कहना है कि बिना किसी जानकारी के सरकार ने उनकी राशि रोक रखी है, जिससे उनके परिवारों की स्थिति कठिन हो गई है।
चुनावी समय में मितानिनों की नाराजगी:
जिले में मितानिनों की नाराजगी अब सरकार के लिए चिंता का विषय बन सकती है। त्रिस्तरीय पंचायत और नगरीय निकाय चुनावों के दृष्टिगत ग्रामीण क्षेत्रों में सरकार के खिलाफ बढ़ती असंतोष की आंच चुनावों में प्रभाव डाल सकती है। यदि सरकार समय रहते महिला कर्मचारियों की समस्याओं का समाधान नहीं करती है तो यह चुनावों में उसके लिए परेशानी का कारण बन सकता है।
