रायपुर। यह भारतीय मोटर वाहन अधिनियम, 1988 (Motor Vehicles Act, 1988) का उल्लंघन है। इस अधिनियम के तहत दोपहिया वाहन पर केवल चालक और एक सहयात्री को बैठने की अनुमति है। तीन सवारी बैठाना एक दंडनीय अपराध है। धारा 128

👉यह धारा स्पष्ट रूप से बताती है कि दोपहिया वाहन में केवल दो व्यक्तियों को बैठने की अनुमति है, जिसमें चालक और एक सहयात्री शामिल हैं। धारा 177

👉यदि कोई व्यक्ति इस नियम का उल्लंघन करता है, तो उसे यातायात उल्लंघन का दोषी माना जाएगा। इसके तहत जुर्माने का प्रावधान है।

👉 पहली बार उल्लंघन पर जुर्माना ₹1,000 तक हो सकता है।

👉बार-बार उल्लंघन करने पर दंड और भी बढ़ सकता है।

👉किसी भी प्रकार के गंभीर दुर्घटना की स्थिति में वाहन चालक का लाइसेंस निलंबित या रद्द भी किया जा सकता है। इस नियम का पालन क्यों ज़रूरी है दोपहिया वाहन का डिज़ाइन केवल दो व्यक्तियों के वजन और संतुलन को ध्यान में रखकर किया गया है। तीन सवारी बैठाने से वाहन का संतुलन बिगड़ सकता है, जिससे दुर्घटना का खतरा बढ़ जाता है।

👉 यह न केवल आपकी बल्कि अन्य सड़क उपयोगकर्ताओं की भी सुरक्षा के लिए खतरनाक हो सकता है। इसलिए, यातायात नियमों का पालन करना और केवल दो सवारी रखना सभी के लिए अनिवार्य और सुरक्षित है।

By kgnews

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *