अधिकारीयों की मनमानी से निगम को संपत्ति कर में 45 लाख का नुकसान

इंदौर
 नगर निगम को संपत्ति कर में निर्धारित सरचार्ज से ज्यादा छुट दिए जाने पर 45 लाख रुपए से ज्यादा का नुकसान भुगतना पड़ रहा है। बताया जा रहा है कि संपत्ति कर और जलकर में कुछ बकायेदारों को छूट मिलनी थी। लेकिन अधिकारियों ने सरचार्ज से ज्यादा छूट दे दी, जिसकी वजह से संपत्ति कर में 45 लाख की हानि हुई है।

अब इसको लेकर 23 से ज्यादा अधिकारी और कर्मचारियों पर कार्रवाई की जाएगी। इसके अलावा इस मामले को लेकर जब आर्थिक अनियमितता की गड़बड़ी की जांच कि गई तो वरिष्ठ अधिकारियों ने दोषियों पर कार्रवाई की। ऐसे में दो सहायक राजस्व अधिकारियों जिनके नाम अतुल मिश्रा और हरीश बारगल के साथ 12 अधिकारियों को सस्पेंड कर दिया है।

इतना ही नहीं 9 कर्मचारियों की सेवाएं भी खत्म कर दी जिनके नाम है कंप्यूटर आपरेटर प्रिंस गिरीया, अंकित पाल, देवाशीष मिश्रा, जितेंद्र सूर्यवंशी, लिंकेश गवली, मनीष श्रीवास, अमित परमार, मयूर बंसोडे, अरुण सिंघल आदि। वहीं इस मामले में देव श्री टॉकीज के मालिक पर केस दर्ज करने के निर्देश दिए गए हैं।

निलंबित लोगों के नाम –

अब इस मामले को लेकर विभागीय जांच शुरू की जाने वाली है। क्योंकि अभी तक इसमें 12 कर्मचारियों को निलंबित कर दिया गया है। जिनके नाम है प्रभारी बिल कलेक्टर अंकित शर्मा, अशोक पाटिल, रमेश यादव, जागृति बिरथरे, हिसाबुद्दीन कुरैशी, मुकुल शर्मा, अमर तिवारी, गोविंद राठौर, अहमद बिलाल अंसारी, मो. जावेद, पदमसिंह राठौर, मयंक धेमन आदि।

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