भोपाल
किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री एदल सिंह कंषाना ने कहा है कि बीज प्रमाणीकरण संस्था का गठन भारत सरकार द्वारा अधिसूचित बीज अधिनियम 1966 की धारा 8 के अन्तर्गत किया गया है। संस्था का मुख्य कार्य निर्धारित मानक के अनुरूप गुणवत्ता के बीजों का प्रमाणीकरण करना है। प्रमाणित बीजों से प्रदेश में फसलों की उत्पादकता बढ़ाई जा रही है। बीज प्रमाणीकरण संस्था द्वारा विगत् एक वर्ष की अवधि में बीज प्रमाणीकरण का महत्वपूर्ण कार्य किया गया। खरीफ-2024 में 1.24 लाख हेक्टेयर क्षेत्र बीज प्रमाणीकरण के लिए पंजीकृत हुआ और 15 लाख क्विंटल बीज प्रमाणित किया गया। रबी सीजन में 1.07 लाख हेक्टेयर क्षेत्र बीज प्रमाणीकरण के लिए पंजीकृत हुआ और 21.86 लाख क्विंटल बीज प्रमाणित किया गया। ग्रीष्म-2024 में 9021 हेक्टेयर क्षेत्र बीज प्रमाणीकरण के लिए पंजीकृत हुआ और 85 हजार क्विंटल बीज प्रमाणित किया गया।
बीज प्रमाणीकरण संस्था के टैग्स पर 2डी क्यूआर कोड का उपयोग किया जा रहा है। किसी भी एन्ड्रॉयड फोन से इसे स्कैन किया जा सकता है। स्कैन करने पर प्रमाणित बीज लॉट के लिए जारी प्रमाण-पत्र खुल जायेगा, जिसमें बीज लॉट की समस्त जानकारी उपलब्ध है। फसल, किस्म, लॉट क्रमांक, टैगों की सीरीज, कुल कितने टैग जारी किये गये, पैकिंग साइज, पैकिंग मात्रा, बीज परीक्षण परिणाम, अंकुरण, भौतिक शुद्धता, अन्य फसलों, अन्य पहचान योग्य बीज, खरपतवार, नमी, किस कृषक एवं संस्था द्वारा बीज का उत्पादन किया गया और किस सहायक बीज प्रमाणीकरण अधिकारी द्वारा पैकिंग एवं टैगिंग की गई, समस्त जानकारी स्कैन के माध्यम से देखी जा सकती है। केन्द्र सरकार द्वारा तैयार किये गये साथी पोर्टल पर बीजोत्पादन कार्यक्रम और बीज का ट्रेसेबिलिटी ऑथेन्टिकेशन की जानकारी ली जा सकती है। साथी पोर्टल की वेबसाईट https://seedtrace.gov.in/ है।
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