भोपाल

 मध्य प्रदेश में पिछले ड़ेढ माह में सड़क हादसों में 1656 लोगों ने जान गंवाई। वहीं, प्रयागराज महाकुंभ के दौरान एमपी बॉर्डर पर सड़क हादसों में 202 लोगों की मौत हुई। विधायक दिनेश राय मुनमुन के प्रश्न के जवाब में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने यह जानकारी दी।  डॉ. मोहन यादव ने बताया कि सड़क दुर्घटनाओं में मरने वालों में 144 पुरुष, 50 महिलाएं और 8 बच्चे शामिल थे। उन्होंने कहा कि राज्यभर में कुल 1,656 लोगों की सड़क हादसों में मौत हुई, जिनमें 152 लोगों ने हेलमेट न पहनने के कारण और 26 लोगों ने सीट बेल्ट न पहनने की वजह से जान गंवाई। मुख्यमंत्री ने बताया कि पिछले डेढ़ महीने में एमपी बॉर्डर पर कुल 552 सड़क दुर्घटनाएं हुईं, जिनमें 944 लोग घायल हुए। इस दौरान  शराब पीकर गाड़ी चलाने से केवल एक हादसा हुआ, लेकिन इसमें कोई मौत नहीं हुई। 2022 के आकड़े के अनुसार सड़क हादसो में मध्य प्रदेश का देश में दूसरा स्थान है।

1,026 लोगों की मौत ओवरस्पीडिंग के कारण
मुख्यमंत्री ने कहा कि सड़क हादसों की सबसे बड़ी वजह तेज रफ्तार है। 1,026 लोगों की मौत ओवरस्पीडिंग के कारण हुई, जबकि 40 लोगों की मौत ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन की वजह से हुई। इसके अलावा, 56 लोगों की मौत ब्लैक स्पॉट्स पर हुई।

  सड़क सुरक्षा नियमों का पालन जरूरी
मुख्यमंत्री ने बताया कि सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के लिए यातायात नियमों का पालन अनिवार्य है। इसके लिए जागरूकता अभियान भी चलाए जा रहे है। हेलमेट और सीट बेल्ट का उपयोग, गति सीमा का पालन और यातायात नियमों का सही तरीके से अनुपालन करने से हादसों को रोका जा सकता है।

By kgnews

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