रायपुर। जिला कलैक्टर डॉक्टर गौरव कुमार सिंह के निर्देशानुसार जिले में आमजन को लू हिट स्टोक के बचाव के संबंध में एडवाइजरी जारी की गई। गर्मी के कारण सामान्यत जन मानस प्रभावित होता है इसमें लू लगना एवं अन्य जल जनित बीमारियों की होनी की संभावना होती हैं। गर्मी के कारण लू से बचाव तथा जल जनित की बीमारियों से बचाव रोकथाम के लिए पूर्व से तैयारी करना आवश्यक हो जाता है। उक्त परस्थिति को देखते हुए कलेक्टर महोदय ने द्वारा दिशा निर्देश जारी किए गए। लू के लक्षण सर में भारीपन एवं सर दर्द होना, तेज बुखार के साथ मुंह का सूखना, चक्कर व उल्टियां होना, कमजोरी के साथ शरीर में अत्यधिक दर्द होना, पसीना नहीं आना अधिक प्यास लगना लेकिन पेशाब कम होना, भुख कम लगना, घबराहट और बैचेनी लगना बेहोशी इत्यादि लक्षण हो सकते हैं।

लू से बचाव के उपाय लू लगने का प्रमुख कारण तेज धूप और गर्मी में ज्यादा देर तक रहने के कारण शरीर में पानी और लवण की मुख्यतः नमक की कमी हो जाती है। अतः इससे बचाव के लिए निम्न बातों का ध्यान रखना चाहिए बहुत अनिवार्य न हो तो घर से बाहर ना जाएं। घर से बाहर जाना ही हो तो खाली पेट न जाए। धूप में निकलने से पहले सर व कान को मुलायम कपड़े से ढके अच्छी तरह से बांध लें तथा आंखो की सुरक्षा के लिए भी धूप के चश्में का उपयोग करें। पानी साथ में लेकर निकले बीच बीच में पानी पीते रहे। ज्यादा देर धूप में ना रहे। चक्कर आने या मितली आने पर छायादार जगह पर बैठे। ओ आर एस घोल का उपयोग करें। शीतल पेय , लस्सी, फलों के रस का सेवन करते रहे। प्रारंभिक सलाह के साथ 104 आरोग्य सेवा केंद्र से भी निःशुल्क परामर्श लिया जा सकता हैं।

उल्टी दस्त या चक्कर पानी की कमी होने की स्थिति में अपने नजदीकी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, आयुष्मान आरोग्य मंदिर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में जरूरी सलाह लेने की सलाह दी जाती हैं। लू लगने पर किए जाने वाले उपचार बुखार पीड़ित के सर पर ठंडे पानी की पट्टी लगाएं, पीड़ित को कुलर या पंखे के नीचे हवा में लेटाए। मितानिन से ओ आर एस पैकेट या घोल प्राप्त करें । ओ आर एस न मिलने की दशा में घर पर ही ओ आर एस घोल तैयार करें। स्थिति न सुधरने पर तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में ले जाने की व्यवस्था करें। अस्पतालों में व्यवस्था लू से बचाव रोकथाम के लिए अस्पतालों में अलग से वार्ड बनाकर उपचार के लिए जिला अस्पताल व मेडिकल कॉलेज में व सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भी लू प्रबंधन के लिए आवश्यक व्यवस्था कर ली गई हैं। तथा ब्लॉक स्तर में कॉम्बैट टीम का गठन व सभी जरूरी दवा की उपलब्धता के लिए भी निर्देश सीएमएचओ द्वारा दिया गया है। लू से प्रभावित के लिए कम से कम 2 बिस्तर को आरक्षित किया जाएं एवं मितानिन स्तर तक सभी आवश्यक दवा व ओ आर एस पैकेट की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। अस्पतालों में ठंडे पेयजल, कुलर की व्यवस्था पर्याप्त मात्रा में आई वी फ्ल्यूड क्लोरीन गोली का इंतजाम किया जाएं तथा जिले में भी एक कंट्रोल रूम की बनाई गई हैं। प्रचार प्रसार के लिए लू से बचाव रोकथाम वाले पोस्टर पैंपलेट का भी उपयोग किया जायेगा।

By kgnews

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