राजनांदगांव | पुलिस की कार्रवाई के बाद आबकारी विभाग ने जब्त हॉलमार्क और लेबल की जांच की। जिसमें इसके नकली होने की पुष्टि हुई। डोंगरगढ़ के करवारी रोड फार्म हाउस से जब्त छग आबकारी का हॉलमार्क और लेबल नकली निकला है।
अब आबकारी विभाग यह पता करने में जुटी है कि ऐसे हॉलमार्क और लेबल तस्कर कहां से जुटा रहे हैं। लेकिन गंभीर बात यह है कि पूर्व में भी खैरागढ़ के रौंदा फार्म हाउस और मुढ़ीपार में हुई कार्रवाई के दौरान ऐसे हॉलमार्क और लेबल जब्त किए गए थे। तब भी आबकारी ने जांच का दावा किया था, लेकिन अब तक स्पष्ट नहीं हो सका है कि मिलावटी शराब बनाने के लिए तस्करों के पास बड़े पैमाने पर ऐसे हॉलमार्क और लेबल कहां से पहुंच रहे। जिसके सहारे मिलावटी शराब को छग की दुकानों का होना बताकर तस्कर कोचियों के माध्यम से खपा रहे हैं। इधर डोंगरगढ़ पुलिस फरार तस्कर रोहित उर्फ सोनू तक दो दिन बाद भी नहीं पहुंच सकी है।
पुलिस ने दावा किया था कि फार्म हाउस में लगे सीसी कैमरों से फुटेज रिकवर की गई है। लेकिन रोहित के सहयोगियों तक भी पुलिस नहीं पहुंच सकी है। डोंगरगढ़ एसडीओपी आशीष कुंजाम ने पतासाजी जारी होने का दावा किया है। गौरतलब है कि इसके पहले खैरागढ़ पुलिस ने रौंदा के एक फार्म हाउस में कार्रवाई की थी। जहां से शराब की बाटलिंग यूनिट पाई गई। यहां भी मिलावट कर रहे थे।
