नीमच
गृह मंत्री अमित शाह ने सीआरपीएफ की पीठ ठोकते हुए कहा कि नक्सलियों का पशुपतिनाथ से तिरुपति तक का सपना टूट गया है। उन्होंने कहा कि नक्सली नेपाल से लेकर आंध्र प्रदेश तक अपना दबदबा कायम करना चाहते थे लेकिन अब वे केवल चार जिलों में सिमटकर रह गए हैं। गृह मंत्री अमित शाह नीमच में सीआरपीएफ स्थापना दिवस के मौके पर बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि सीआरपीएफ के योगदान से कुछ ही दिनों में देश नक्सलवाद से मुक्त हो जाएगा।
उन्होंने कहा, सीआरपीएफ की कोबरा बटालियन से खूंखार नक्सली भी खौफ खाते हैं। कोबरा बटालियन की अगुआई में सीआरपीएफ ने नक्सलवाद को खत्म करने में बड़ा योगदान दिया है। 21 मार्च 2026 तक इस देश से नक्सलवाद का पूरी तरह खात्मा हो जाएगा। शाह ने कहा कि माओवाद प्रभावित इलाकों में 400 से ज्यादा फॉरवर्ड बेस बनाए गए हैं। इसके चलते 10 साल के अंदर ही माओवादी घटनाओं में 70 फीसदी की कमी दर्ज की गई है।
गृह मंत्री ने कहा कि कश्मीर में धारा 370 हटने के बाद शांति बहाल करना हो या फिर शांतिपूर्ण चुनाव संपन्न करवाना, सीआरपीएफ के जावान देश की सेवा में लगे ही रहते हैं। उन्होंने कहा कि कश्मीर में चुनाव से पहले बूथ पर हमले और लूट की आशंका जताई गई थी। लेकिन सीआरपीएफ के जवानों की मुस्तैदी की वजह से एक भी अप्रिय घटना सामने नहीं आई। कश्मीर में चुनाव के दौरान एक भी गोली नहीं चली।
गुरूवार को शाह ने सिरोही जिले के आबूरोड स्थित ब्रह्मकुमारीज हैडक्वार्टर शांतिवन में आयोजित सुरक्षा बल के कर्मियों के लिए आंतरिक जागृति के माध्यम से आत्म-सशक्तीकरण विषयक राष्ट्रीय संवाद के शुभारम्भ के अवसर पर बोल रहे थे। उन्होंने सुरक्षाकर्मियों के मन, आत्मा और शरीर को शांति का मार्ग प्रशस्त करने की दिशा में कार्य करने के लिए ब्रह्माकुमारीज़ संस्था को साधुवाद दिया। शाह ने कहा है कि सशस्त्र बलों के सुरक्षाकर्मी माइनस 46 डिग्री सेल्सियस से लेकर 46 डिग्री सेल्सियस तक तापमान में अपने जीवन का स्वर्णकाल देकर हमारी सीमाओं की सुरक्षा करते हैं और उनके त्याग-तप और बलिदान के कारण आज हम सुरक्षित हैं।
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