राजनांदगांव | मानव तस्करी पर विशेष प्रशिक्षण हुआ पुलिस प्रशिक्षण विद्यालय राजनांदगांव में, यह प्रशिक्षण पुलिस अधीक्षक गजेन्द्र सिंह ठाकुर के मार्गदर्शन में इन सर्विस कोर्स के तहत आयोजित किया गया। इसमें बाल अधिकार संरक्षण आयोग के पूर्व सदस्य शरद श्रीवास्तव ने रिसोर्स पर्सन के रूप में प्रशिक्षण दिया।
प्रशिक्षण में राजनांदगांव रेंज के 12 प्रधान आरक्षक और 100 महिला नव आरक्षक शामिल हुए। कुल 108 प्रतिभागियों ने भाग लिया। शरद श्रीवास्तव ने मानव तस्करी की परिभाषा और इसके प्रकारों पर जानकारी दी। उन्होंने यौन तस्करी, श्रम तस्करी, बाल तस्करी और अंग तस्करी के बारे में बताया। श्रीवास्तव ने मानव तस्करी की वैश्विक प्रवृत्तियों और आंकड़ों पर भी चर्चा की।
उन्होंने कहा कि मानव तस्करी रोकने के लिए सबसे जरूरी है जन जागरूकता। लोगों को शिक्षित और जागरूक कर ही इस अपराध को रोका जा सकता है। इसके लिए शिक्षा अभियान, कानूनी ढांचे का निर्माण, सरकारी और गैर सरकारी सहयोग, कार्यशालाएं, सेमिनार और आर्थिक विकास कार्यक्रम जरूरी हैं। खासकर आर्थिक रूप से पिछड़े लोगों को इनसे जोड़ा जाना चाहिए। श्रीवास्तव ने बताया कि जानकारी की कमी, शिक्षा का अभाव और गरीबी मानव तस्करी के मुख्य कारण हैं। प्रशिक्षण में पुलिस की भूमिका पर भी विस्तार से चर्चा हुई। इस मौके पर निरीक्षक विक्रम बघेल और उप निरीक्षक जाकिर अली मौजूद रहे।
