भोपाल
मप्र बोर्ड 10वीं और 12वीं परीक्षा का परिणाम मंगलवार को जारी कर दिया गया है। परिणाम कैसा भी रहे, उसे सहज स्वीकार करें। अभिभावक भी बच्चों से उम्मीद करें, लेकिन दबाव नहीं बनाएं। इसे लेकर माध्यमिक शिक्षा मंडल (माशिमं) की हेल्पलाइन में काउंसलर ने अभिभावकों, विद्यार्थियों की काउंसलिंग की।

रिजल्ट को लेकर हेल्पलाइन में फोन की संख्या दो से तीन गुना रही। हालांकि सोमवार को परिणाम घोषित होने को लेकर मंडल का एक फर्जी आदेश इंटरनेट मीडिया पर वायरल होने से एक दिन में हेल्पलाइन में 1476 विद्यार्थियों के फोन आए।

सभी का एक ही सवाल था कि कितने बजे परिणाम आएगा, कौन से वेबसाइट पर परिणाम देख सकते हैं। साथ ही 90 फीसदी से अधिक विद्यार्थी ने परिणाम को लेकर तनाव से संबंधित सवाल पूछे।

बच्चों ने पूछे इस तरह के प्रश्न
    12वीं के विद्यार्थी ने पूछा कि अगर वह द्वितीय श्रेणी से पास होगा तो अभिभावक नाराज होंगे। आगे क्या विकल्प होगा। इस पर जवाब मिला- चाहे प्रथम या द्वितीय श्रेणी से पास हो। इससे फर्क नहीं पड़ता है। आगे करियर में आपके पास बहुत विकल्प हैं।
    10वीं के विद्यार्थी ने पूछा कि मेरा एक पेपर बिगड़ गया था, तो डर लग रहा है। कहीं परिणाम खराब ना हो जाए। जवाब मिला- आप बिल्कुल नहीं घबराएं, परिणाम अच्छा ही आएगा। आप द्वितीय परीक्षा देकर अच्छे अंक ला सकते हैं।
    12वीं के विद्यार्थी ने पूछा- अगर अच्छे श्रेणी से पास नहीं हो पाया तो आगे क्या करूंगा। एक्सपर्ट ने जवाब दिया- अब सीखने पर ज्यादा फोकस किया जा रहा है। हर जगह नामांकन के लिए प्रवेश परीक्षा हो रही है, इसलिए श्रेणी से कोई भी फर्क नहीं पड़ेगा।
    12वीं के विद्यार्थी ने पूछा- कुछ पेपर ठीक नहीं गए हैं। लगता है परिणाम बेहतर नहीं होगा। द्वितीय परीक्षा के बारे में बताइए। जवाब मिला- अगर श्रेणी सुधार करना है तो जुलाई में पूरक के बदले द्वितीय परीक्षा होगी। उसमें शामिल हो सकते हैं।
    10वीं के विद्यार्थी ने पूछा- अगर परिणाम बेहतर नहीं आएगा तो क्या विकल्प है। जवाब मिला- जैसा भी परिणाम आए उसे स्वीकार करें और आगे की तैयारी करें। इसके अलावा द्वितीय परीक्षा दे सकते हैं।

 

By kgnews

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