भोपाल
उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने रीवा में सर्किट हाउस के नवीन खण्ड में आयोजित बैठक में सिंचाई परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा की। उप मुख्यमंत्री ने कहा कि सीतापुर हनुमना उदवहन सिंचाई परियोजना तथा बाणसागर बांध की नहरों का काम पूरा होने के बाद रीवा और मऊगंज जिले के हर खेत में सिंचाई की सुविधा उपलब्ध हो जायेगी। इससे खेती में तेजी से विकास होगा और हर किसान समृद्ध बनेगा। सीतापुर हनुमना सिंचाई परियोजना में वन तथा पर्यावरण की स्वीकृति समय पर प्राप्त करके सर्वे का कार्य तेजी से पूरा करें। यह परियोजना इस क्षेत्र के लिए बहुत बड़ी सौगात होगी। लंबित सिंचाई परियोजनाओं का काम 30 जून तक पूरा कराके आगामी सीजन में किसानों को एक लाख 25 हजार एकड़ क्षेत्र में सिंचाई की उपलब्ध हो जायेगी। सिंचाई विकास का सबसे महत्वपूर्ण कार्य है।
उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि सीतापुर हनुमना उदवहन सिंचाई परियोजना में मुख्य बांध निर्माण स्थल का निर्धारण कर दिया गया है। वन विभाग से सर्वे की भी अनुमति प्राप्त हो गयी है। सर्वे का कार्य तत्काल शुरू करायें। परियोजना के निर्माण कार्य से 22 हजार हेक्टेयर वन क्षेत्र प्रभावित हो रहा है। इसकी प्रतिपूर्ति के लिए हनुमना तहसील में तथा हिनौती गौधाम के पास वृक्षारोपण के लिए वन विभाग को जमीन उपलब्ध करायें। इस सिंचाई परियोजना से मऊगंज जिले में 65 हजार हेक्टेयर सीधी में 28 हजार हेक्टेयर, सिंगरौली में 26500 हेक्टेयर तथा रीवा जिले में 3 हजार हेक्टेयर में सिंचाई की सुविधा उपलब्ध होगी। उप मुख्यमंत्री ने कहा कि बहुती सिंचाई परियोजना में नहरों के निर्माण में तेजी लाये तथा 30 जून तक शेष कार्य पूरा करायें। बाणसागर बांध से 18 किलो मीटर तक नहर निर्माण, छुहिया घाटी में सुरंग में लाइनिंग का कार्य, एक्वाडक्ट निर्माण तथा नहरों में लाइनिंग का कार्य तेजी से पूरा करायें। बेला माइनर नहर में भी 51 किलो मीटर में से केवल 21 किलो मीटर का कार्य हुआ है।
उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि हिनौती गौधाम के समीप प्रस्तावित बांध निर्माण का प्रस्ताव तत्काल प्रस्तुत करें। वन विभाग गौधाम की आंतरिक और बाहर की सड़कों के किनारे वृक्षारोपण की तैयारी कर लें। यहां कम से कम 10 हजार पौधे वर्षाकाल में रोपे जायेगें। उप मुख्यमंत्री ने नहरों में सीपेज रोकने और भू-अर्जन की कार्यवाही समय पर पूरी कराने के निर्देश दिये। कमिश्नर बीएस जामोद ने कहा कि सिंचाई परियोजनाओं के भूअर्जन के कार्य तेजी से किये जा रहे हैं। निर्माण कार्यों की सभी बाधाएं दूर करके कार्य में गति लायी जायेगी। मुख्य वन संरक्षक राजेश राय ने बताया कि उदवहन सिंचाई परियोजना के लिए वन विभाग की अनुमति के प्रस्ताव आनलाइन दर्ज हो गये हैं। इनमें सर्वे कार्य के लिए अनुमति जारी कर दी गयी है। जल संसाधन विभाग और राजस्व विभाग से समन्वय बनाकर सभी अनुमतियाँ शीघ्र जारी की जायेगीं। अधीक्षण यंत्री मनोज तिवारी ने सिंचाई परियोजनाओं के निर्माण कार्य की जानकारी दी। बैठक में संयुक्त आयुक्त श्रेयस गोखले, अधीक्षण यंत्री तथा अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
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