मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि प्रदेश में महिला सशक्तिकरण की दिशा में अनेक कदम उठाए गए हैं। इसी कड़ी में मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना लागू की गई है। यह मेरी अंतरात्मा से निकली योजना है। इससे बहनों का आत्मविश्वास, घर-परिवार और समाज में मान-सम्मान बढ़ेगा। योजना में पात्र हितग्राही बहनों को हर माह1000 रूपए मिलेंगे। उन्होंने कहा कि आज शाम जबलपुर से प्रदेश की एक करोड़ 20 लाख बहनों के खातों में एक-एक हजार रूपए की राशि सिंगल क्लिक से अंतरित की जाएगी। मुख्यमंत्री चौहान स्मार्ट उद्यान में पौध-रोपण के बाद मीडिया से चर्चा कर रहे थे।

मेरा मुख्यमंत्री बनना सार्थक हो गया

मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि आज मेरा मुख्यमंत्री बनना सार्थक हो गया है। मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना के क्रियान्वयन से बहनों के जीवन में नया बदलाव और खुशहाली आएगी। उन्होंने कहा कि आज मेरे जीवन का सबसे सुखद और महत्वपूर्ण दिन है। माँ, बहन और बेटियों के कल्याण के लिए यह योजना मील का पत्थर साबित होगी।

बेटियाँ अब बोझ नहीं, वरदान हैं

मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि बेटियाँ अब बोझ नहीं, वरदान हैं। प्रदेश में बेटियों की शादी बोझ न रहे, इसके लिए सबसे पहले मुख्यमंत्री कन्या विवाह- निकाह योजना लागू की गई थी। इसके बाद वर्ष 2006 में लाड़ली लक्ष्मी योजना बनाई गई, जिससे लिंगानुपात में सुधार आया है। वर्ष 2012 में एक हजार बेटों पर 912 बेटियां जन्म लेती थीं। अब यह अनुपात 956 हो गया है। बेटियों के जन्म लेने पर लोग अब खुशियां मनाते हैं।

महिलाओं का सामाजिक, आर्थिक और राजनैतिक सशक्तिकरण

मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि प्रदेश में महिलाओं का सामाजिक, आर्थिक और राजनैतिक सशक्तिकरण किया जा रहा है। इसके लिए स्थानीय निकायों के निर्वाचन में महिलाओं को 50 प्रतिशत आरक्षण का लाभ मिल रहा है। महिलाएं स्थानीय प्रशासन में अच्छी भागीदारी निभा रही हैं। बेटियों को पुलिस भर्ती में 30 प्रतिशत और शिक्षकों की भर्ती में 50 प्रतिशत आरक्षण‍ दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि महिलाओं के नाम पर मकान, जमीन एवं अन्य सम्पत्ति की खरीदी पर रजिस्ट्री शुल्क में छूट देने से महिलाओं के नाम रजिस्ट्री की संख्या में अप्रत्याशित वृद्धि हुई है।

By kgnews

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