– 185 पंचायतों में एक साथ गूंजा प्रकृति प्रेम का संदेश, वृक्षारोपण से रचा नया कीर्तिमान

– 185 ग्राम पंचायतों में एक साथ वृक्षारोपण, एक पेड़ माँ के नाम अभियान बना जनआंदोलन

मोहला। जिले में पर्यावरण संरक्षण और हरियाली को बढ़ावा देने के उद्देश्य से एक अनूठा एवं प्रेरणादायी अभियान चलाया गया। जिसमें जिले की समस्त 185 ग्राम पंचायतों और सभी संकुल संगठन केंद्रों में एक साथ वृक्षारोपण किया गया। इस वृहद अभियान का संचालन कलेक्टर तुलिका प्रजापति के निर्देशन एवं मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत भारती चंद्राकर के मार्गदर्शन में किया गया।

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        इस अभियान में जिला व जनपद पंचायत के अधिकारी-कर्मचारी, ग्राम सचिव, सरपंच, रोजगार सहायक, पंचायत प्रतिनिधि, स्व-सहायता समूहों की महिलाएं तथा बड़ी संख्या में आम नागरिकों ने सहभागिता निभाई। बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक सभी ने पौधे रोपित कर पर्यावरण के प्रति अपनी जिम्मेदारी को दर्शाया। विशेष बात यह रही कि कई स्थानों पर वृक्षारोपण को एक पेड़ माँ के नाम जैसे भावनात्मक अभियान से जोड़ा गया, जिससे यह सिर्फ पर्यावरणीय ही नहीं, सामाजिक और भावनात्मक चेतना का भी संदेश बन गया।

-एक पेड़ माँ के नाम पर्यावरण और भावना का संगम

इस अभियान के अंतर्गत नागरिकों को अपनी माता के नाम पर एक पौधा लगाने हेतु प्रेरित किया गया, जिससे पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ माता-पिता के प्रति श्रद्धा व्यक्त हो सके। माँ की ममता की छांव जैसा पेड़ जो न केवल पर्यावरण को शुद्ध करता है, बल्कि आने वाली पीढिय़ो को भी स्वच्छ हवा और जीवन देता है। यह संदेश जन-जन तक पहुंचाया गया।

– विविध प्रजातियों के पौधे लगाए गए

इस अभियान के दौरान नीम, पीपल, आम, बरगद, अर्जुन, अमरूद, गुलमोहर, करंज, सीताफल, सहजन आदि विभिन्न प्रकार के छायादार एवं फलदार पौधे लगाए गए। इनका चयन जलवायु संतुलन, मृदा संरक्षण और स्थानीय जैव विविधता के अनुकूल किया गया।

– पर्यावरण बचाने का संकल्प

कार्यक्रम के दौरान कई पंचायतों में ग्रामीणों ने सामूहिक रूप से यह संकल्प लिया कि वे इन पौधों की देखरेख करेंगे और आने वाली पीढिय़ों के लिए एक हरा-भरा भविष्य तैयार करेंगे। साथ ही बच्चों को यह शिक्षा दी गई कि वृक्ष हमारे जीवन के आधार हैं, यह हमें छाया, ऑक्सीजन, फल और जीवन प्रदान करते हैं। यह महाअभियान न केवल एक दिन का आयोजन रहा, बल्कि यह पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक दीर्घकालिक संकल्प है। प्रशासन द्वारा चलाए गए इस कार्यक्रम ने यह साबित कर दिया कि जब प्रशासनिक इच्छाशक्ति और जनसहभागिता साथ आए, तो बड़े से बड़ा परिवर्तन संभव है।

By kgnews

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