रायपुर, नियद नेल्ला नार और जल जीवन मिशन से बस्तर के दूरस्थ व दुर्गम गांवों में भी स्वच्छ एवं सुरक्षित पेयजल मुहैया कराया जा रहा है। दोनों योजनाओं के माध्यम से सभी घरों में नल से जल पहुंचाया जा रहा है। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग द्वारा सुकमा जिले के कोंटा विकासखंड के सुदूर वनांचल पोटकपल्ली ग्राम पंचायत के आश्रित गांव सालातोंग में जल जीवन मिशन के तहत सभी कार्यों को पूर्ण कर हर घर में पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित करते हुए हर घर जल प्रमाणीकरण किया गया है। नल से घरों में जल पहुंचने के पहले वहां पेयजल के लिए मुख्य रूप से हैण्डपंप पर ही निर्भरता थी। 

जिला मुख्यालय सुकमा से 90 किलोमीटर दूर सालातोंग में जल जीवन मिशन के अंतर्गत करीब 50 लाख रुपए की लागत से सौर ऊर्जा आधारित जल आपूर्ति की व्यवस्था विकसित की गई है। संवेदनशील इलाके में स्थित सालातोंग नक्सल प्रभावित गांव है। राज्य शासन के नियद नेल्ला नार के तहत चयनित गांवों में विभिन्न योजनाओं का क्रियान्वयन प्राथमिकता से किया जा रहा है जिनमें सालातोंग भी शामिल है। जल जीवन मिशन के अंतर्गत वहां जल आपूर्ति के लिए चार पानी टंकियां लगाई गई हैं। कुल 3800 मीटर पाइपलाइन बिछाकर दो सोलर पंपों के माध्यम से गांव के सभी घरों में शुद्ध पेयजल की आपूर्ति की जा रही है।

By kgnews

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