भोपाल
 प्रदेश में गेहूं, धान, चना और उड़द की समर्थन मूल्य पर खरीदी को और सरल बनाने के लिए राज्य सरकार ने बड़ा निर्णय लिया है। अब खरीदी केंद्रों की प्राथमिकता गोडाउन को दी जाएगी, जिससे खरीदे गए अनाज को ढोने में लगने वाला अतिरिक्त खर्च रोका जा सके।

यह घोषणा अपर मुख्य सचिव खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण रश्मि अरुण शमी ने सोमवार को कुशाभाऊ ठाकरे अंतर्राष्ट्रीय कन्वेंशन सेंटर में आयोजित स्टेट लेवल प्रोक्योरमेंट रिफार्म कार्यशाला में की।

शमी के मुताबिक पिछले रबी सीजन में करीब 9 लाख किसानों से 77 लाख मीट्रिक टन से अधिक गेहूं खरीदा गया। लगभग 20 हजार करोड़ रुपये सीधे किसानों के खातों में ट्रांसफर किए गए। सरकार ने गेहूं खरीदी पर 175 रुपये प्रति क्विंटल बोनस भी दिया। इसी तरह 6.50 लाख किसानों से 43.5 लाख मीट्रिक टन धान खरीदा गया।

किसानों के पंजीयन में अब आधार नंबर जोड़ा गया है। खरीदी केंद्रों से सीधे मिलर्स को धान देने की व्यवस्था की गई है।

उपभोक्ताओं के लिए नई पहल

अपर मुख्य सचिव ने बताया कि पीडीएस दुकानों में अनाज ले जाने वाले वाहनों की निगरानी की जा रही है। प्रदेश में उचित मूल्य की दुकानों को जन पोषण केंद्र के रूप में विकसित करने की योजना है, जिसकी शुरुआत इंदौर से हो चुकी है। उपभोक्ताओं की ई-केवाईसी की जा रही है, जिससे अपात्र लोगों को बाहर किया गया है। लगभग 5.70 लाख नए उपभोक्ता जोड़े गए हैं।

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