राजनांदगांव, सड़क किनारे बने गणेश पंडालों को लेकर पुलिस की आपत्ति ने लोगों को नाराज कर दिया। पुलिस की टीम अलग.अलग हिस्से में बने पंडालों को हटाने के लिए पहुंची थी। लेकिन समिति सदस्यों से पुलिस अफसरों की जमकर बहस हो गई। कुछ समिति के संचालन इस सख्ती के विरोध में थाने का घेराव करने की भी तैयारी में थेए लेकिन स्थानीय नेताओं और जनप्रतिनिधियों की दखल के बाद मामला शांत हुआ।

दरअसल पुलिस प्रशासन ने कुछ दिन पहले गणेश समितियों की बैठक ली थी। जिसमें सड़क पर पंडाल नहीं बनाने की समझाइश दी गई। सड़क की जद में होने की बात कहकर पुलिस ने आपत्ति शुरू कर दी। सीएसपी वैशाली जैन और सीएसपी पुष्पेंद्र नायक की अलग.अलग टीम इन पंडालों में पहुंची और पंडाल का साइज छोटा करने की बात कहने लगे। इससे गणेश समिति के सदस्य आक्रोशित हो गए। कुछ जगह पुलिस से जमकर बहस भी हुई। विरोध के बाद समझाइश देकर लौट गए।

दरअसल गणेश पंडाल बनाए जाने का काम शहर में बीते दस दिनों से जारी है। लेकिन इस दौरान पुलिस की कोई भी टीम इन पंडालों की स्थिति जांचने नहीं पहुंची। इसके चलते समितियों ने अपनी तैयारी के मुताबिक पंडाल बना लिए। लेकिन ठीक स्थापना के दिन ही बुधवार को पुलिस की टीम ने आपत्ति शुरू कर दी। इससे गुस्सा भड़क गया। पुलिस टीम ने कमला कॉलेज रोडए आजाद चौकए दुर्गा चौक सहित कुछ अन्य पंडालों में पहुंचकर साइज छोटा करने का दबाव बनाने लगे।

‘स​मितियों को सड़क पर पंडाल नहीं लगाने की समझाइश दी गई थी। कुछ जगहों पर सड़क के हिस्से में पंडाल विस्तारित होने की​ जानकारी सामने आई। जिस​के बाद टीम ने मौके पर पहुंचकर समिति सदस्यों को समझाइश दी है। ताकि जाम या अव्यवस्था की स्थिति निर्मित न हों। .

राहुल देव शर्माए एएसपीइधर समितियों ने पुलिस को भी आश्वास्त किया है कि सड़क किनारे मौजूद पंडालों से अव्यवस्था नहीं होगी। समितियों ने बताया कि ट्रैफिक व्यवस्था और जाम जैसी स्थिति से निबटने के लिए उन्होंने अपने वालिंटियर्स तैयार किए हैं। जो भीड़ के दौरान पंडाल के आसपास के हिस्से में व्यवस्था संभालेंगे। बता दें कि की गणेश पर्व के दौरान शहर में करीब 40 बड़े . छोटे पंडाल भीतरी हिस्सों में बनते हैं। इनमें से ज्यादातर सड़क किनारे ही मौजूद रहते हैं। बीते कुछ सालों में पंडालों के सामने जुटने वाली भीड़ और भंडारे जैसे आयोजन से सड़क पर जाम लगने जैसी स्थिति बनती रही है। जिसे देखते हुए पुलिस ने सख्ती शुरू की है।

शहर के ज्यादातर पंडालों में इस बार 12 से 15 फीट की प्रतिमाएं विराजित हो रही है। लंबे समय बाद बड़ी प्रतिमाओं के दर्शन श्रद्धालुओं को होंगे। दरअसल कोरोना काल के बाद लगी पाबंदियों के बाद गणेश प्रतिमाओं की ऊंचाई कम कर दी गई थी। मूर्तिकार भी लगातार निर्धारित साइज तक ही प्रतिमाएं बना रहे थेए लेकिन इस बार प्रतिमाओं की साइज में पूर्व की तरह बड़ी रखी गई है। यह भी कारण है कि शहर में पंडालों की साइज भी बीते सालों की तुलना में बड़ी हो गई है। इधर साल दर साल स्थल झांकियों की संख्या भी बढ़ती जा रही है। इसके चलते भी पंडालों के आसपास के हिस्से पर्व के लिए आरक्षित हो रहे हैं।

By kgnews

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *