भोपाल
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने आपातकाल के विरूद्ध संघर्ष करने वाले सेनानियों का श्रद्धापूर्वक स्मरण किया। मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि वर्ष 1975 में ही दिन भारतीय संविधान और लोकतंत्र का गला घोंट कर आपातकाल लागू किया गया था। आम नागरिक से लेकर प्रेस की अभिव्यक्ति के अधिकार को कुचला गया, प्रत्येक मुखर आवाज पर ताले जड़ दिये गये। जो इस अन्याय के विरुद्ध डटे रहे, उन्हें काल कोठरी के अंधेरों में ठूंस कर चुप कराने का क्रूरतम प्रयास किया गया।
मुख्यमंत्री चौहान ने अपने ट्वीट में कहा कि- "लोकतंत्र के हत्यारों के विरुद्ध लड़ने वाली लोकतंत्र सेनानियों तथा आपातकाल की क्रूर यातनाओं को सहते हुए अपने प्राणों का बलिदान करने वाली महान आत्माओं के चरणों में मैं सादर नमन करता हूँ! हे माँ भारती,आज हम सब एक और संकल्प लेते हैं कि लोकतंत्र की रक्षा के लिए अपना सब कुछ समर्पित कर देने वाली महान आत्माओं के सपनों के भारत के निर्माण के लिए हम निरंतर प्रयास करते रहेंगे।"
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