कवर्धा । उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने शनिवार को कबीरधाम जिले में प्रदेश की 5वीं क्षेत्रीय न्यायालयिक विज्ञान प्रयोगशाला का शुभारंभ किया। यह प्रयोगशाला न केवल जिले के लिए बल्कि पूरे प्रदेश की अपराध जांच और न्यायिक प्रक्रिया को नई दिशा देने वाली साबित होगी। इस अवसर पर पंडरिया विधायक भावना बोहरा विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित थीं।

उप मुख्यमंत्री शर्मा ने कहा फॉरेंसिक विज्ञान आधुनिक अपराध जांच की रीढ़ है। हत्या, बलात्कार, लूट, साइबर अपराध, आर्थिक अपराध और मादक पदार्थों की तस्करी जैसे गंभीर मामलों में पारंपरिक तरीकों के बजाय वैज्ञानिक साक्ष्य ही न्याय दिलाने में निर्णायक भूमिका निभाते हैं। घटनास्थल पर छोड़ा गया डीएनए, खून का धब्बा, एक बाल का तंतु, जूतों के निशान, बारूद के कण या डिजिटल डिवाइस में छिपा डेटा – यही सबूत अपराधियों को पकड़वाते हैं और अदालत में उन्हें सजा दिलाने में सबसे अहम होते हैं।

कबीरधाम प्रयोगशाला में अत्याधुनिक उपकरणों और प्रशिक्षित वैज्ञानिक अधिकारियों की उपलब्धता से अब इन साक्ष्यों की जांच और भी तेजी और सटीकता से हो सकेगी। इसका सीधा असर अपराध न्याय प्रणाली पर होगा –

  • पुलिस विवेचकों को समय पर रिपोर्ट मिलेगी।
  • अदालतों में दोषसिद्धि दर में वृद्धि होगी।
  • अपराधियों को शीघ्र सजा दिलाना संभव होगा।
  • समाज में कानून का विश्वास और अपराध का भय दोनों मजबूत होंगे।

उन्होंने कहा अब तक छोटे जिलों से संबंधित प्रकरणों की जांच के लिए नमूनों को बड़े शहरों की प्रयोगशालाओं में भेजना पड़ता था, जिससे समय और संसाधनों की बड़ी खपत होती थी। लेकिन कबीरधाम में प्रयोगशाला शुरू होने से न केवल जिले, बल्कि बेमेतरा, खैरागढ़-छुईखदान-मंडई और मुंगेली जिलों को भी सीधा लाभ मिलेगा। स्थानीय स्तर पर जांच की सुविधा मिलने से न्यायिक प्रक्रिया तेज और पारदर्शी होगी।

इस प्रयोगशाला की स्थापना से कबीरधाम जिले व आस-पास के जिलों में अपराधों के साक्ष्यों की त्वरित जांच की सुविधा मिलेगी साथ ही कानून व्यवस्था सुदृढ़ होगी और आम जनता में कानून के प्रति और विश्वास बढ़ेगा साथ ही न्यायिक प्रक्रिया न केवल तेज होगी बल्कि अधिक पारदर्शी होगी।

By kgnews

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