छत्तीसगढ़ के सूरजपुर में ओड़गी ब्लाक अंतर्गत ग्राम सौहार के पास मिले शवों की पहचान नाना और नातिन के रूप में हुई है। दोनों भैयाथान क्षेत्र के ग्राम चिकनी से मेहमानी कर अपने गांव जॉज लौट रहे थे। इसी दौरान महान नदी पार करते समय बाढ़ में बह गए थे। शिनाख्त के बाद रविवार को शवों को पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंप दिया गया है। ग्रामीणों ने बताया कि दोनों गांवों को जोड़ने के लिए नदी पर पुल नहीं है। इसके चलते हर सल लोगों की मौतें होती हैं।
जानकारी के मुताबिक, स्थानीय ग्रामीणों ने गांव के पास से होकर बहने वाली महान नदी में दो शवों को देख इसकी सूचना पुलिस को दी। पुलिस ने शवों को नदी से निकलवाकर अस्पताल भिजवा दिया। सौहार एवं आसपास के गांववाले शवों की शिनाख्त नहीं कर सके थे। पुलिस ने युवती और ग्रामीण का शव मिलने की सूचना सोशल मीडिया के माध्यम से शाम को प्रसारित की थी। रविवार को दोनों शवों की पहचान भैयाथान क्षेत्र के ग्राम जॉज चेंद्रा निवासी राम दुलारे (50) और उनकी नातिन के रूप में की गई है।
पुलिस ने बताया कि राम दुलारे चार दिन पहले अपनी नातिन के साथ मेहमानी करने के लिए ग्राम चिकनी, जजावल गया हुआ था। जॉज और चिकनी के बीच महान नदी बहती है। मेहमानी कर लौटने के दौरान संभवतः दोनों नदी के तेज बहाव में बह गए। दोनों के शव पानी में कई घंटे पड़े रह जाने के कारण फूल गए थे। पुलिस ने परिजनों का बयान दर्ज किया है। एक ही परिवार के दो सदस्यों की नदी में डूबकर मौत हो जाने से परिजन सदमें में हैं।
