राजनांदगांव. छुरिया तहसील अंतर्गत कुल 19527 किसानों में से अब तक 19153 किसानों का एग्रीस्टेक पोर्टल में पंजीयन किया जा चुका है, जबकि शेष 374 किसानों का पंजीयन प्रक्रियाधीन है। यह जानकारी भू-अभिलेख शाखा से प्राप्त हुई है।
छुरिया तहसील में कृषकों के भूमि का गिरदावरी भी पूरी तरह से किया गया है। जिन ग्रामों का जियो रिफ्रेसिंग हुआ है, वहां सर्वेयरों ने डीसीएस पोर्टल के माध्यम से डिजिटल गिरदावरी की प्रक्रिया पूरी की है। वहीं, जिन ग्रामों में जियो रिफ्रेसिंग नहीं हुआ है, वहां हल्का पटवारियों ने कृषि भूमि का भौतिक निरीक्षण करके गिरदावरी की प्रविष्टि भुईयां पोर्टल पर की है। इसके अतिरिक्त शासकीय पट्टेदारों और वन अधिकार मान्यता पत्रकधारियों की गिरदावरी प्रविष्टि पीवी एप के माध्यम से की जा रही है।
छत्तीसगढ़ शासन के खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग द्वारा डिजिटल क्रॉप सर्वे और गिरदावरी के लिए मोबाइल पीवी एप सत्यापन उपरांत 30 नवंबर तक प्रविष्टियों में परिवर्तन करने के निर्देश दिए गए हैं। इस तिथि तक किसानों को आवश्यकतानुसार संशोधन (सत्यापन) कार्य करवाने का अवसर मिलेगा। घुमका तहसील के तहत कुल 6 ग्रामों में गिरदावरी की गई है। अमलीडीह 1144 खसरे, कलकसा 815 खसरे, कौहाकुड़ा 613 खसरे, ढाबा 628 खसरे, भरकाटोला 1370 खसरे,सहसपुर दल्ली 1050 खसरे हैं।
डिजिटल तरीके से गिरदावरी
इसी तरह डिजिटल गिरदावरी के परिणाम अमलीडीह 816 खसरे, कलकसा 587 खसरे,कौहाकुड़ा 308 खसरे, ढाबा 383 खसरे,भरकाटोला 792 खसरे, सहसपुर दल्ली 552 खसरे शामिल हैं। मैनुअल गिरदावरी के माध्यम से अमलीडीह, कौहाकुड़ा, भुरकाटोला, ढाबा, और सहसपुर दल्ली के शेष खसरों की गिरदावरी पूरी की गई है। ग्राम कलकसा में तकनीकी समस्या के कारण 228 खसरों की मैनुअल गिरदावरी पूर्ण नहीं हो पाई, जिसके लिए आवश्यक कार्रवाई की जा रही है। किसानों को आगामी 30 नवंबर तक अपने पंजीयन और गिरदावरी प्रविष्टियों में सुधार का अवसर मिलेगा।
