राजनांदगांव, जल संरक्षण के लिए चल रहे हरियाली बहनी नीर और नारी जलयात्रा में महिलाओं के साथ ही पुरुषों को समर्थन से अभियान को कामयाबी मिलने लगी। सितंबर 2025 से फसल परिवर्तन कर कम पानी वाले फसल लेने 60 से अधिक गांव में फसल संगोष्ठी कर जल यात्रा की गई। लगातार प्रयास से किसान पानी के महत्व को समझने लगे। वे रबी सीजन में धान के बदले अन्य फसल जो कम पानी में तैयार होती है। उसे लेने बढ़ चढ़कर सामने आ रहे है। बीते रबी सीजन में फसल में हुए नुकसान को भुला नहीं पाए है।

उन्हें पानी की कमी के कारण धान को मवेशियों को चराना पड़ा था। जिनका उत्पादन हुआ वे 17 रुपए किलो में उपज बेचने मजबूर थे। इसी बात को ध्यान में रख रामपुर कुही कोड़ा में पद्मश्री फूलबासन यादव शिव कुमार देवांगन जानिया साहू सरपंच रत्ना ठाकुर जाफर अली कृषि विस्तार अधिकारी प्रीति साहू बिहान केडर महिला समूह पंच सहित ग्रामीणों ने कार्यक्रम किया और जागरुक किया। पद्मश्री फूलबासन यादव ने कहा धान के फसल नहीं लेने से जल स्तर बढ़ाया जा सकता है। किसानों में जागरूकता जरूरी है।

जल संकट से निपटने एकजुट होना जरूरीरू फूलबासन यादव ने धान के बदले अन्य फसल लेने की अपील करते कहा जल संकट से निपटने एकजुट होना पड़ेगा तभी संभव हो पाएगा। गिरते जल स्तर के प्रति सभी चिंता कर रहे है। प्रशासन ग्राम पंचायत महिला समूह प्रयास कर रहे।

By kgnews

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