नवा रायपुर/राजनांदगांव, पंजीयन विभाग द्वारा जारी आदेश के अनुसार जिले में अचल संपत्ति के बाज़ार मूल्य निर्धारण से संबंधित गाइडलाइन दरों का पुनरीक्षण लागू किया जा रहा है। अचानक किए गए इस बदलाव से आम नागरिकों, जमीन–मकान खरीदने वालों तथा कारोबारियों में नाराज़गी बढ़ गई है। लोगों का कहना है कि बिना पूर्व जानकारी व तैयारी के रेट बढ़ा देने से ज़मीन की खरीदी-बिक्री ठप हो सकती है, जिसका सीधा असर राजस्व पर पड़ेगा।
जारी पत्र में उल्लेख है कि राज्य शासन के निर्देश पर जिले की मूल्यांकन समिति की बैठक में प्रस्तावित संशोधन को मंजूरी दी गई है और नए गाइडलाइन रेट तत्काल प्रभाव से लागू होंगे। विभाग ने सभी उप-पंजीयकों को निर्देशित किया है कि वे नए दरों के अनुसार ही पंजीयन कार्यवाही करें।
स्थानीय लोगों, संपत्ति कारोबारियों और सामाजिक संगठनों का कहना है कि गाइडलाइन रेट में अचानक की गई बढ़ोतरी से आम खरीदार बाजार से बाहर हो जाएगा। इससे रजिस्ट्री कम हो सकती है, और विभाग को राजस्व का बड़ा नुकसान होने की आशंका है। लोगों की मांग है कि शासन इस निर्णय को पुनः विचाराधीन कर पुराने रेट पर ही कुछ समय तक पंजीयन जारी रखे।
व्यापारियों का कहना है कि आर्थिक मंदी के बीच यह बढ़ोतरी पूरी तरह अनुपयुक्त है। जब तक जनता को पर्याप्त समय और तैयारी न दी जाए, तब तक नए रेट लागू करना व्यवहारिक नहीं होगा।
जिला प्रशासन इस मामले में लोगों की प्रतिक्रिया और बाजार में पड़ने वाले प्रभाव को लेकर निगरानी बनाए हुए है। वहीं नागरिक जल्द से जल्द सरकार से इस निर्णय पर पुनर्विचार की अपेक्षा कर रहे हैं।
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