छत्तीसगढ़ के कांकेर जिला जेल में विचारधीन कैदी पहली बार बोर्ड परीक्षा देने जा रहे हैं। इसके लिए प्रशासन ने पूरी तैयारी कर ली है। विचारधीन बंदियों में नक्सल, हत्या और दुष्कर्म के आरोपी शामिल हैं। जेल से परीक्षा देने वाले बंदियों की फीस जिला प्रशासन की ओर से खनिज न्यास निधि से जमा कराई जाएगी। इसके लिए स्वीकृति कलेक्टर ने दे दी है। साथ ही ओपन समन्वय केंद्र कांकेर की ओर से इन्हें निशुल्क पाठ्य पुस्तक उपलब्ध कराई जाएगी। अब तक 12 बंदियों ने फार्म भरा है। 

नक्सल मामले में बंद आरोपी बोले- पढ़ना चाहते हैं
नक्सल मामलों में बंदी एक कैदी ने बताया कि, उसने 10वीं की परीक्षा दी थी, लेकिन फेल हो गया था। वह 2020 से जेल में बंद है। इस दौरान उसे पता चला कि जेल में रहते परीक्षा दे सकता है, इस पर उसने भी फॉर्म भरा है। बंदी ने बताया कि उसके ऊपर नक्सल समाग्री सप्लाई का आरोप है। कहा कि, वह आगे पढ़ना चाहता है। जेल में यह सुविधा मिल रही है तो इसका लाभ ले रहा है। नक्सल मामलों में बंद दो बंदियों ने परीक्षा का फॉर्म भरा है। ये बंदी राज्य ओपन बोर्ड की 10 वीं की परीक्षा देने जा रहे हैं।  

दो सेमेस्टर में होगी परीक्षाएं
जिला जेल के जेलर एसएल नायक ने बताया कि कलेक्टर के मार्गदर्शन में बंदियों को बोर्ड परीक्षा देने प्रस्ताव बनाकर भेजा गया था। अनमति मिलने के बाद प्रति सोमवार बंदियों की परेड के दौरान पूछा गया तो और फार्म भरने की बात बताई गई। इस पर 25 से 30 बंदियों ने परीक्षा देने में रुचि दिखाई। हालांकि अभी तक 12 बंदियों ने फार्म भरा है। इसमें नौ ने 10वीं और तीन ने 12वीं की बोर्ड परीक्षा के लिए फार्म भरे हैं। इसकी परीक्षा दो सेमेस्टर सितंबर 2023 और अप्रैल 2024 में होगी। परीक्षा सेंटर कांकेर जेल ही होगा। 

कलेक्टर बोलीं- हर किसी को मौका मिलना चाहिए
इस अनूठी पहल का श्रेय कलेक्टर डॉ. प्रियंका शुक्ला को जाता है। उनके प्रयास से कांकेर जिला जेल को पहली बार परीक्षा केंद्र का दर्जा मिला है। जेल के अंदर ही अब बंदियो के लिए परीक्षा होगी। कलेक्टर डॉ. प्रियंका शुक्ला ने कहा कि हर किसी को अपनी जिंदगी में नई शुरुआत करने के लिए मौका मिलना चाहिए। यह भी बंदियों को एक मौका देने की कोशिश है। वे जिंदगी की नई शुरुआत करें और आगे बढ़ सकें। 

By kgnews

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