मध्य प्रदेश में पावर क्वॉलिटी मीटर के लिए उपभोक्ताओं को होंगे 5.5 लाख रुपए या उससे ज्यादा खर्च

 इंदौर
 उद्योगों और उच्चदाब कनेक्शन से बिजली लेने वाले उपभोक्ताओं को नया मीटर लगाना होगा। पावर क्वॉलिटी मीटर के नामक इस मीटर के लिए हर उपभोक्ता को कम से कम साढ़े पांच लाख या इससे ज्यादा खर्च करना होंगे। बीते दिनों में कई उद्योगों के साथ कुछ होटल व अन्य संस्थाओं के पास भी ऐसे नोटिस पहुंचे हैं।

बिजली कंपनी के इस फरमान का उद्योगों ने विरोध शुरू किया है लेकिन कंपनी ने गेंद नियामक आयोग के पाले में डाल दी है। हैरान करने वाली बात ये है कि नियमों की आड़ में मीटर भी एक खास कंपनी का लगवाने को मजबूर किया जा रहा है।

बिजली कंपनी की ओर से पहले कुछ आयरन रोलिंग मिलों को नोटिस पहुंचे, इसके बाद अन्य उद्योगों में इस तरह के नोटिस पहुंचे। अब बताया जा रहा है कि उच्चदाब कनेक्शन ले चुके होटल व अन्य उपभोक्ताओं को भी कहा गया है कि वे पावर क्वॉलिटी मीटर लगाए।

पावर क्वॉलिटी मीटर को लगाने के लिए कारण बताया जा रहा है कि उच्चदाब उपभोक्ताओं के नई मशीन व उपकरणों के उपयोग के दौरान पैदा होने वाली हारमोनिक्स (विकृत करंट) की निगरानी इस मीटर से हो सकेगी। बिजली कंपनी की दलील है कि ये हारमोनिक्स या विकृत करंट भारी मशीनों के चलने से पैदा होता है।

हारमोनिक्स पर नजर रखेगा

जो बाद में बिजली आपूर्ति करने वाली ग्रिड या आसपास के सप्लाय सिस्टम में दाखिल होकर उन्हें भी खराब कर सकता है। मीटर हर उद्योग में पैदा होने वाली ऐसी हारमोनिक्स पर नजर रखेगा। बाद में बिजली कंपनी फिर इनसे निपटने की कोई युक्ति लाएगी। यानी अभी हारमोनिक्स की निगरानी के लिए मीटर लगाना होगा बाद में फिर उसे दूर करने के उपाय के लिए कोई उपकरण अनिवार्य किया जाएगा।

आमतौर पर हारमोनिक्स या विकृत करंट की समस्या ऐसी फैक्ट्रियों में ज्यादा आती है जहां लोहा या धातु गलाने वाली भट्टियां (फर्नेस) या ऐसे उपकरण होते हैं। लिहाजा ऐसे मीटर सिर्फ चुनिंदा फैक्ट्रियों में लगने थे लेकिन आदेश में सभी एचटी कनेक्शन को लिखकर इसका दायरा बढ़ाकर सभी कनेक्शनधारी को शामिल कर लिया गया।

विकल्प नहीं, खरीदना मजबूरी

उद्योगों नोटिस मिलने के बाद बिजली कंपनी के अधिकारियों से संपर्क कर रहे हैं तो उन्हें एक कंपनी के प्रतिनिधि के पास भेजा जा रहा है। बताया जा रहा है पावर क्वॉलिटी मीटर सिर्फ यहीं कंपनी उपलब्ध करवाएगी। स्नाइडर नामक कंपनी के प्रतिनिधि शीतेंद्र श्रीवास्तव से जब नईदुनिया ने उद्योग संचालक बनकर बात की तो उसने बताया कि एक मीटर की लागत 5 लाख 70 हजार के लगभग होगी।

उसने ऑफर दिया कि यदि आप ज्यादा लोगों को इकट्ठा कर लाते हैं तो हम कीमत पर बैठकर बात कर लेंगे। कंपनी के प्रतिनिधि से पूछा गया कि किसी और कंपनी का सस्ता मीटर नहीं मिल सकता। इस पर उसने कहा कि गारंटीड टेक्निकल स्पेसिफिकेशन पर खरा उतरना जरूरी है। इसकी टेस्टिंग अभी हमारी कंपनी ने ही करवाई है। दूसरी किसी कंपनी के मीटर की टेस्टिंग नहीं हुई है ऐसे में विकल्प कोई और नहीं है।

विरोध शुरू

एसोसिएशन ऑफ इंडस्ट्रीज मप्र (एआईएमपी) और रोलिंग मिल एसोसिएशन ने इस आदेश का विरोध शुरू कर दिया है। एआईएमपी अध्यक्ष योगेश गुप्ता ने कहा कि मनमाने तरीके से मीटर लगाने का आदेश देना और लाखों रुपये खर्च करने का दबाव बनाना गलत है। एसोसिएशन इसका विरोध करेगा। रोलिंग मिल एसोसिएशन अध्यक्ष सतीश मित्तल ने कहा कि खास कंपनी की मोनोपोली की आड़ में उद्योगों को आर्थिक हानि पहुंचाई जा रही है।

दूसरी ओर पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी की ओर से इस मामले में कहा गया है कि यह आदेश नियामक आयोग की ओर से दिया गया है। उद्योगों को राहत पाने के लिए आयोग में अपील करना होगी।

Admin

Share
Published by
Admin

Recent Posts

प्रधानमंत्री मोदी वर्चुअली करेंगे अमृत भारत स्टेशन योजना के अंतर्गत पुनर्विकसित टीकमगढ़ रेलवे स्टेशन का शुभारंभ

प्रधानमंत्री मोदी वर्चुअली करेंगे अमृत भारत स्टेशन योजना के अंतर्गत पुनर्विकसित टीकमगढ़ रेलवे स्टेशन का शुभारंभ

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव शुक्रवार, 17 जुलाई को टीकमगढ़ जिले के प्रवास पर रहेंगे।…

1 hour ago
वरिष्ठ नागरिकों के सम्मान और अधिकारों की रक्षा के लिए विदिशा पुलिस की सीनियर सिटीजन पुलिस पंचायत बनी मजबूत सहारा

वरिष्ठ नागरिकों के सम्मान और अधिकारों की रक्षा के लिए विदिशा पुलिस की सीनियर सिटीजन पुलिस पंचायत बनी मजबूत सहारा

भोपाल मध्यप्रदेश पुलिस की “देशभक्ति –जनसेवा” की भावना के अनुरूप वरिष्ठ नागरिकों की समस्याओं के…

1 hour ago
नक्सल प्रभावित रहे सुकमा से खेल प्रतिभा की नई उड़ान

नक्सल प्रभावित रहे सुकमा से खेल प्रतिभा की नई उड़ान

रायपुर  कभी नक्सल प्रभावित क्षेत्र के रूप में पहचाना जाने वाला सुकमा आज खेल, शिक्षा…

2 hours ago
“नशे से दूरी है ज़रूरी 2.0” अभियान के पहले दिन प्रदेशभर में व्यापक पैमाने पर हुए जनजागरूकता कार्यक्रम

“नशे से दूरी है ज़रूरी 2.0” अभियान के पहले दिन प्रदेशभर में व्यापक पैमाने पर हुए जनजागरूकता कार्यक्रम

भोपाल मध्यप्रदेश को नशामुक्त बनाने के संकल्प के साथ मध्यप्रदेश पुलिस एवं द्वारा प्रारंभ किए…

2 hours ago
प्रदेश के 19 जिलों में 39 नवीन सांदीपनी विद्यालयों का लोकार्पण, गुणवत्तापूर्ण एवं नवाचार आधारित शिक्षा को मिलेगा नया विस्तार

प्रदेश के 19 जिलों में 39 नवीन सांदीपनी विद्यालयों का लोकार्पण, गुणवत्तापूर्ण एवं नवाचार आधारित शिक्षा को मिलेगा नया विस्तार

भोपाल  प्रदेश के शासकीय स्कूलों में पढ़ाई कर रहे विद्यार्थियों को गुरु के प्रति सम्मान,…

2 hours ago
6 वर्षीय मासूम की आहार नली से सफलतापूर्वक निकाला गया सिक्का, बची जान

6 वर्षीय मासूम की आहार नली से सफलतापूर्वक निकाला गया सिक्का, बची जान

रायपुर  छत्तीसगढ़ आयुर्विज्ञान संस्थान (सिम्स), बिलासपुर के कान, नाक एवं गला (ईएनटी) विभाग के विशेषज्ञ…

2 hours ago