राजनांदगांव । शहर के नंदई चौक क्षेत्र में सतनाम धाम के पास स्थित एक पुराने मंदिर से भगवान की प्रतिमा हटाए जाने को लेकर रविवार को विवाद की स्थिति बन गई। वर्षों से पीपल के पेड़ के नीचे स्थापित बजरंगबली की प्रतिमा, शिवलिंग और त्रिशूल को बिना स्थानीय लोगों की जानकारी के हटाकर मोहारा नदी में विसर्जन के लिए ले जाया गया था।

घटना का पता तब चला जब रोजाना की तरह पूजा-अर्चना के लिए पहुंचे श्रद्धालुओं ने मंदिर परिसर में प्रतिमा और धार्मिक प्रतीक नहीं देखे। जानकारी मिलने पर आसपास के लोग एकत्र हुए और पूछताछ करने पर पता चला कि कुछ लोग प्रतिमाओं को नदी में विसर्जित करने ले गए हैं। इस पर आपत्ति जताते हुए श्रद्धालु मोहारा नदी पहुंचे और प्रतिमाओं को वापस लेकर आए।

घटना की सूचना मिलते ही हिंदू संगठनों के कार्यकर्ता बड़ी संख्या में मौके पर पहुंच गए और धार्मिक आस्था से जुड़े इस कृत्य पर नाराजगी जताई। हिंदू संगठनों का आरोप है कि किसी अन्य समाज द्वारा मंदिर परिसर के विस्तार की योजना के तहत प्रतिमा हटाने का प्रयास किया गया। बिना आपसी सहमति और पूर्व चर्चा के की गई इस कार्रवाई से लोगों की धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं।

विवाद बढ़ता देख पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया। पुलिस की मौजूदगी में प्रतिमा, शिवलिंग और त्रिशूल को दोबारा मंदिर परिसर में स्थापित कराया गया। इसके बाद हिंदू संगठनों के प्रतिनिधि कार्रवाई की मांग को लेकर बसंतपुर थाने पहुंचे, जहां इस मामले में एफआईआर दर्ज कराने की प्रक्रिया शुरू की गई।

पुलिस का कहना है कि पूरे मामले की जांच की जा रही है और तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। इलाके में फिलहाल स्थिति शांत बताई जा रही है।

By kgnews

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *