मध्य प्रदेश की बकरी पालन योजना: 40-60% अनुदान के साथ किसान कमा सकते हैं 40-50 हजार रुपए महीना

भोपाल 

बकरी पालन योजना: मध्य प्रदेश के गांवों में खेती के साथ-साथ पशुपालन हमेशा से कमाई का मजबूत जरिया रहा है. इनमें भी बकरी पालन सबसे आसान, कम खर्चीला और जल्दी मुनाफा देने वाला काम माना जाता है. यही वजह है कि आज प्रदेश के हजारों परिवार बकरी पालन से अच्छी आमदनी कर रहे हैं. अब राज्य सरकार की बकरी पालन योजना ने इस काम को और आसान बना दिया है.

क्या है MP सरकार की बकरी पालन योजना?
मध्य प्रदेश सरकार के पशुपालन एवं डेयरी विभाग की इस योजना का मकसद छोटे और सीमांत किसानों को आर्थिक रूप से मजबूत बनाना है. योजना के तहत 10 मादा + 1 नर बकरी (10+1 यूनिट) लगाने पर सरकार वित्तीय सहायता देती है. इस यूनिट की कुल लागत करीब ₹77,000 से ₹77,456 तय की गई है. सामान्य वर्ग को 40% तक सब्सिडी SC/ST वर्ग को 60% तक सब्सिडी, बाकी राशि बैंक लोन से पूरी की जाती है.

दो तरह की योजनाएं, किसानों को सीधा फायदा
पशुपालन विभाग के अतिरिक्त उपसंचालक डॉ. जितेंद्र कुमार गुप्ता के मुताबिक सरकार दो अलग-अलग योजनाएं चला रही है.

नर बकरी आपूर्ति योजना
इस योजना का उद्देश्य प्रदेश में बकरी की नस्ल सुधार करना है. इसके तहत जमुनापारी, बारबरी और सिरोही जैसी उन्नत नस्लों के नर बकरे दिए जाते हैं, जिससे दूध और मांस उत्पादन बढ़ता है.

बकरी इकाई स्थापना योजना
इस योजना में 10 मादा और 1 नर बकरी की यूनिट पर सब्सिडी और बैंक लोन दोनों की सुविधा मिलती है. यह योजना खास तौर पर दूध और मांस उत्पादन बढ़ाने के लिए है.

आवेदन कैसे करें?
योजना का लाभ लेने के लिए इच्छुक व्यक्ति अपने नजदीकी पशुपालन एवं डेयरी विभाग या पशु चिकित्सा संस्था से संपर्क कर सकते हैं. आवेदन के बाद बैंक से लोन स्वीकृत होता है और सब्सिडी की राशि सीधे लाभार्थी के खाते में ट्रांसफर की जाती है. ग्राम सभा और जनपद पंचायत की स्वीकृति जरूरी होती है. कई मामलों में विभाग की ओर से ट्रेनिंग भी दी जाती है.

क्यों फायदेमंद है बकरी पालन?
विशेषज्ञों का मानना है कि बकरी पालन कम पूंजी में शुरू होने वाला ऐसा व्यवसाय है, जो नियमित आमदनी देता है. सरकार की इस योजना से गांव के किसान और युवा अब नौकरी के बजाय स्वरोजगार की राह पर तेजी से बढ़ रहे हैं.

Admin

Share
Published by
Admin

Recent Posts

SECL के कोयला स्टॉक में दूसरे दिन भी धधकती रही आग, बुझाने में जुटी रहीं टीमें

SECL के कोयला स्टॉक में दूसरे दिन भी धधकती रही आग, बुझाने में जुटी रहीं टीमें

कोरबा. SECL कुसमुंडा खदान के 29 नंबर कोयला स्टॉक में गुरुवार को लगी भीषण आग…

33 minutes ago
MP में 65 साल बाद बदलेंगे सिविल सेवा नियम, 2 से ज्यादा बच्चों वालों को नहीं मिलेगी सरकारी नौकरी

MP में 65 साल बाद बदलेंगे सिविल सेवा नियम, 2 से ज्यादा बच्चों वालों को नहीं मिलेगी सरकारी नौकरी

भोपाल मध्यप्रदेश सरकार छह दशक बाद सरकारी नौकरी के लिए सेवा की सामान्य शर्तें बदलने…

41 minutes ago
बस्तर में प्री-मानसून की दस्तक, अगले 5 दिनों तक बारिश और बादलों का दौर जारी

बस्तर में प्री-मानसून की दस्तक, अगले 5 दिनों तक बारिश और बादलों का दौर जारी

रायपुर. छत्तीसगढ़ में बस्तर समेत कई इलाकों में प्री मानसून बारिश शुरू हो गई है.…

2 hours ago
धमतरी का महा-परिवर्तन: 60 करोड़ रुपए की रिकॉर्ड खरीदी और 30 हजार मीट्रिक टन का नया ‘लॉजिस्टिक्स हब’

धमतरी का महा-परिवर्तन: 60 करोड़ रुपए की रिकॉर्ड खरीदी और 30 हजार मीट्रिक टन का नया ‘लॉजिस्टिक्स हब’

धमतरी का 'महा-परिवर्तन': 60 करोड़ रुपए की रिकॉर्ड खरीदी और 30 हजार मीट्रिक टन का…

2 hours ago
आम की छांव में मुख्यमंत्री की चौपाल: खाट पर बैठे, ग्रामीणों की सुनी बात, मौके पर दिए समाधान

आम की छांव में मुख्यमंत्री की चौपाल: खाट पर बैठे, ग्रामीणों की सुनी बात, मौके पर दिए समाधान

आम की छांव में मुख्यमंत्री की चौपाल: खाट पर बैठे, ग्रामीणों की सुनी बात, मौके…

2 hours ago
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने ऐतिहासिक चतुर्भुज विष्णु मंदिर में की पूजा-अर्चना, प्रदेश की सुख-समृद्धि की कामना

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने ऐतिहासिक चतुर्भुज विष्णु मंदिर में की पूजा-अर्चना, प्रदेश की सुख-समृद्धि की कामना

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने ऐतिहासिक चतुर्भुज विष्णु मंदिर में की पूजा-अर्चना, प्रदेश की सुख-समृद्धि की…

2 hours ago