राजनांदगांव, शहर के हाई लेवल एरिया में नई पाइप लाइन का विस्तार होगा। इसके लिए 1 करोड़ 46 लाख रुपए खर्च होंगे। इसकी प्रशासकीय स्वीकृति मिल चुकी है। गर्मी आने से पहले ही पाइप लाइन का काम पूरा करने का लक्ष्य भी रखा है।
दरअसल अमृत मिशन प्रोजेक्ट के बाद भी शहर के कई हिस्सों में जलापूर्ति की समस्या बनी हुई है। यह समस्या गर्मी में और बढ़ जाती है। जिससे लोगों को नलों से पर्याप्त पानी नहीं मिल पाता। निगम के तकनीकी अफसरों ने इसकी वजह इन हिस्सों को औसत से अधिक ऊंचाई वाला बताया है।
जिसकी वजह से पानी पूरे फोर्स के साथ नहीं पहुंच पा रही है। इसके लिए पाइप लाइन विस्तार का प्रस्ताव तैयार किया गया था। जिसमें प्रशासन ने 1 करोड़ 46 लाख रुपए स्वीकृत कर दिए हैं। जल्द ही इसकी टेंडर प्रक्रिया पूरी होगी। जिसके बाद पाइप लाइन विस्तार का काम शुरु कर दिया जाएगा। यह इन क्षेत्र के लोगों के लिए बड़ी राहत साबित होगी।
आयुक्त अतुल विश्वकर्मा ने बताया कि टेंडर प्रक्रिया के बाद पाइप लाइन विस्तार का काम शुरु किया जाएगा। बता दें कि हाई लेवल एरिया में पानी फोर्स के साथ नलों से नहीं आ पा रहा था। करीब 25 हजार की आबादी इससे परेशान था। जिसकी वजह से लोगों को जरूरत के मुताबिक पानी नहीं मिलता था।
250 से 100 एमएम के पाइप बिछाए जाएंगे मुख्य रुप से नवागांव टंकी से हनुमान मंदिर तक 250 एमएम व्यास की डीआई पाइप लाइन विस्तार, हनुमान मंदिर से आजाद चौक मोतीपुर तक 250 एमएम डीआई पाइप लाइन विस्तार, रानी बाड़ी काशी दुर्गा मंदिर से राहुल नगर तक 200 एमएम डीआई पाइप लाइन विस्तार, नवागांव टंकी से देवी नाला तक 100 एमएम डीआई वितरण पाइप लाइन विस्तार शामिल है। इसके अतिरिक्त रििद्ध-सिद्धि कॉलोनी फेस-दो, लखोली नाका स्कूल से सेठीनगर तथा नवागांव रोड से श्याम सिटी तक वितरण पाइप लाइन विस्तार किया जाएगा।
मंजूरी वाले हिस्से में ही होंगे कार्य, अलग-अलग राशि मिली जानकारी के अनुसार नगर निगम को पेयजल प्रबंधन मद से यह स्वीकृति मिली है। जिसमें स्पष्ट किया गया है कि प्रस्तावित जगहों पर ही पाइप लाइन विस्तार का कार्य किया जाएगा। वहीं हर कार्य के लिए अलग-अलग राशि स्वीकृति की गई है। जिसमें 40.62 लाख रुपए की स्वीकृति दो प्रमुख 250 एमएम पाइप लाइन विस्तार लिए दी गई है। बताया गया कि शेष कार्यों के लिए 8.00 लाख से 20.70 लाख रुपए तक की राशि मंजूर की गई है। सभी कार्यों की कुल स्वीकृत राशि 1 करोड़ 46 लाख रुपए हैं। दावा है कि इससे शहर में पेयजल की समस्या काफी हद तक खत्म हो जाएगी।
