राजनांदगांव, छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक धरोहर पंडवानी की सुरम्य गाथा नागपुर के कलमना विजयनगर में उस समय गूंज उठी जब छत्तीसगढ़ की पंडवानी गायिका तरुणा साहू ने अपने सशक्त एवं भावपूर्ण प्रदर्शन से समूचे मेला स्थल को मंत्रमुग्ध कर दिया। कलमना में आयोजित मड़ई मेले में पंडवानी का आयोजन रखा गया था।
जिसमें आरपीएफ की इंस्पेक्टर तरुणा साहू ने महाभारत के प्रसंगों की मार्मिक प्रस्तुति दी। इंस्पेक्टर तरुणा ने मंच पर द्रौपदी चीरहरण और शंकर-अर्जुन संवाद का प्रभावशाली प्रस्तुतिकरण किया। जिससे मेला परिसर में मौजूद दर्शकों की आंखें नम हो गईं और हर दिल में अपनी संस्कृति के प्रति गर्व और भावनाओं का ज्वार उमड़ पड़ा। नागपुर के कलमना में आयोजित मेले में पंडवानी गायिका ने अपनी टीम के साथ छग की धरोहर पंडवानी की आकर्षक प्रस्तुति दी। आसपास के छत्तीसगढ़वासी भाव-विभोर होकर गर्व से भर उठे।
विलुप्त हो रही लोककला को संरक्षित रखने का प्रयास: आधुनिकता की दौड़ में लोककला विलुप्त होने की कगार पर हैं। ऐसे में इंस्पेक्टर तरुणा साहू अपने सुर, शब्द और संवाद के माध्यम से पंडवानी जैसी अनमोल कला को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का संकल्प निभा रही हैं। वे पंडावानी गायिका के साथ राजनांदगांव में रेल सुरक्षा बल के इंस्पेक्टर की जिम्मेदारी भी निभा रही है। कार्यक्रम में इंस्पेक्टर तरुणा के साथ रागी के रूप में तिहार सिंह ध्रुव, बैंजो में हर्ष मेश्राम, तबला वादक नूतन दामले, हारमोनियम में टीकाराम गेंदले और बांसुरी वादन में अर्जुन यादव ने अपनी वाद्य यंत्रों से पंडवानी के माध्यम से महाभारत प्रसंग को जीवंत किया।
