राजनांदगांव , नाबालिग को शादी का प्रलोभन देकर भगाकर ले जाने और उसके साथ अनाचार करने के आरोपी को न्यायालय ने 20 साल सश्रम कारावास की सजा दी है। अपर सत्र न्यायाधीश, फास्ट ट्रैक स्पेशल कोर्ट (पॉक्सो), राजनांदगांव के पीठासीन न्यायाधीश ओमप्रकाश साहू ने यह फैसला दिया। चौकी तुमडीबोड क्षेत्र के रहने वाले आरोपी चुरामन उम्र 24 वर्ष को दोषी पाया गया जिसके चलते विभिन्न धाराओं के तहत सजा दी गई। धारा 363 के तहत 3 वर्ष सश्रम कारावास, 5 हजार रुपए अर्थदंड अदा नहीं करने पर 1 माह अतिरिक्त सश्रम कारावास होगा।
धारा 366 के तहत 5 वर्ष का सश्रम कारावास और 5 हजार रुपए अर्थदंड अदा नहीं करने पर 1 माह अतिरिक्त सश्रम कारावास होगा। लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम, 2012 पॉक्सो एक्ट की धारा 6 के तहत 20 वर्ष का सश्रम कारावास एवं 10 हजार अर्थदंड अदा नहीं करने पर 2 माह का अतिरिक्त सश्रम कारावास से दंडित किया है। अक्टूबर 2019 में नाबालिग पीिड़ता माता-पिता एवं बहन के साथ गांव में डांस स्पर्धा देखने कर्मा भवन के पास गई थी। रात लगभग 11.30 बजे, दोनों बहनें लघु शंका करने कुछ दूर गईं।
कुछ समय बाद छोटी बहन वापस लौटी लेकिन बड़ी बहन पीिड़ता नहीं लौटी। परिजनों ने खोजबीन की रिश्तेदारों से संपर्क किया लेकिन जानकारी नहीं मिली। पीिड़ता के पिता द्वारा पुलिस चौकी तुमडीबोड में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने मामला पंजीबद्ध कर जांच प्रारंभ की। पीिड़ता को आरोपी के कब्जे से बरामद कर पूछताछ की। पीिड़ता ने बताया शादी का प्रलोभन देकर आरोपी ने अनाचार किया है। आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में भेजा गया। अभियोग पत्र विशेष न्यायालय में पेश किया जहां आरोपी दोषी मिला। प्रकरण में शासन की ओर से विशेष लोक अभियोजक पॉक्सो एक्ट राजनांदगांव, प्रिया कांकरिया ने पैरवी की।
