राजनांदगांव , मकर संक्रांति पर गायत्री शक्तिपीठ में एक कुंडीय गायत्री महायज्ञ का आयोजन पूर्ण वैदिक विधि-विधान के साथ हुआ। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने सहभागिता करते आहुतियां समर्पित की। संपूर्ण वातावरण आध्यात्मिक ऊर्जा से ओतप्रोत हो गया। वैदिक मंत्रोच्चार से लोक-कल्याण, सामाजिक समरसता, की मंगलकामना की।
गायत्री परिवार के परिजनों ने उत्साह से आयोजन को सफल बनाया। आध्यात्मिक आयोजनों का उद्देश्य समाज में चेतना जाग्रत करना, संगठनात्मक एकता को सुदृढ़ करना तथा गुरुदेव के विचारों को जन-जन तक पहुंचाना है। वसंत पंचमी पर गायत्री शक्तिपीठ में 22 व 23 जनवरी को पंच कुंडीय गायत्री महायज्ञ विविध आध्यात्मिक अनुष्ठानों का आयोजन होगा।
आयोजन अखंड ज्योति शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में मानवता के उत्थान, राष्ट्र जागरण, आध्यात्मिक चेतना को विस्तार करने समर्पित रहेगा। महायज्ञ का आयोजन शक्तिपीठ के मुख्य प्रबंध ट्रस्टी सूर्यकांत चितलांग्या के मार्गदर्शन में किया जाएगा। 22 को सुबह 7 से शाम 7 बजे तक अखंड गायत्री महामंत्र जप किया जाएगा।
