राजनांदगांव, मतदाता विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर)के दावा आपत्ति की प्रक्रिया पूरी हो गई है। 22 जनवरी को दावा आपत्ति व त्रुटि सुधार का अंतिम दिन रहा। लेकिन अंतिम तारीख तक नोटिस के बावजूद करीब 8 हजार वोटर्स डॉक्यूमेंट नहीं कर पाए हैं। दरअसल पहले चरण का सर्वे पूरा होने के बाद प्रशासन ने 18 हजार 235 वोटर्स को अधूरे डॉक्यूमेंट व गणना पत्रक में त्रुटि को लेकर नोटिस दिया था, जिन्हें 22 जनवरी तक नोटिस के मुताबिक डॉक्यूमेंट जमा करना था।
लेकिन निर्धारित तारीख तक 10 हजार 500 वोटर्स ने नोटिस के मुताबिक प्रक्रिया पूरी की। जबकि करीब 8 हजार वोटर्स ऐसे हैं, जो नोटिस के बावजूद डॉक्यूमेंट जमा करने या त्रुटि सुधार के लिए नहीं पहुंचे। इन्हें आगे मौका देने को लेकर भी कोई निर्देश जारी नहीं हुआ है। ऐसे में आशंका है कि इन वोटर्स के नाम मौजूदा लिस्ट से हटा दिया जाएगा।
वहीं दावा-आपत्ति के दौरान ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में नाम शामिल नहीं होने वाले 8500 वोटर ने नाम जुड़वाने अपना आवेदन प्रस्तुत किया है। बता दें कि एसआईआर सर्वे के पहले चरण में जिले में 8 लाख 35 हजार 910 वोटर्स का सर्वे किया गया। इसमें बीएलओ ने 15502 वोटर्स को मृत श्रेणी में रखा। इन वोटर्स की मौत हो चुकी है। जबकि 37188 वोटर्स ऐसे हैं, जिन्होंने शहर बदल लिया है। इन्होंने गणना पत्रक नहीं दिखाया।
नाम काटने और जुड़वाने के लिए भी दिया आवेदन दावा आपत्ति के दौरान जहां 8542 ने नाम जुड़वाने के लिए आवेदन दिया है। वहीं 752 वोटर्स ऐसे भी है, जिन्होंने नाम कटवाने के लिए आवेदन दिया है। ये दूसरे शहरों में शिफ्ट हो चुके हैं। जो अपने मौजूदा शहर में नाम जुड़वाना चाहते हैं। अब प्रशासन ने फाइनल वोटर लिस्ट बनाने की प्रक्रिया शुरु कर दी है। फिलहाल नए वोटर्स के रिकार्ड डिजिटलाइज किए जाएंगे। इसके बाद 21 फरवरी को अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन होगा। पहले चरण में 55 हजार से अधिक वोटर्स का नाम वोटर लिस्ट से हटा दिया है।
