नवापारा भेण्डरी, शीतला माता मंदिर में इन दिनों संगीतमय श्रीमद् देवी महापुराण कथा चल रही है। पांचवे दिन कथा वाचक पं. प्रेमकिशोर शर्मा ने कई प्रसंगों का वर्णन किया। शर्मा ने व्यास की आत्मकथा, नारद का स्त्री रूप धारण करना, मंधाता की उत्पत्ति, राजा त्रिकुशंक का चरित्र और राजा हरिश्चंद्र के त्याग और सत्यनिष्ठा से जुड़े उपाख्यानों का वर्णन किया।
उन्होंने बताया कि मां प्रकृति ही दुर्गा, लक्ष्मी और सरस्वती के रूप में संसार का संचालन करती हैं और शक्ति, धन और ज्ञान तीनों के बिना कोई भी कार्य पूर्ण नहीं होता। कथा के दौरान, मां दुर्गा की नौ देवियों, शुभ-निशुभ, महिषासुर वध और मां काली की सुंदर झांकियों का संगीतमय प्रस्तुति के साथ प्रदर्शन किया गया, जिसने श्रद्धालुओं का मन मोह लिया।
