शिक्षक-पालक सम्मेलन सह माता उन्मुखीकरण कार्यशाला संपन्न

पालकों की जागरूकता ही शिक्षा व्यवस्था की मुख्य धुरी है – विधायक सिन्हा

महासमुंद, समग्र शिक्षा महासमुंद के तत्वावधान में विकासखंड स्तरीय सामुदायिक सहभागिता योजना अंतर्गत शिक्षक-पालक सम्मेलन सह माता उन्मुखीकरण कार्यशाला का आयोजन जिला मुख्यालय स्थित शंकराचार्य सांस्कृतिक भवन में संपन्न हुआ। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में विधायक योगेश्वर राजू सिन्हा शामिल हुए। अध्यक्षता नगर पालिका अध्यक्ष निखिल कांत साहू ने की। विशिष्ट अतिथि के रूप में जनपद पंचायत अध्यक्ष दिशा रामस्वरूप दीवान, जनपद पंचायत उपाध्यक्ष हुलसी जितेंद्र चंद्राकर तथा नगर पालिका उपाध्यक्ष देवी चंद राठी शामिल हुए।


कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विधायक योगेश्वर राजू सिन्हा ने कहा कि बच्चों के सर्वांगीण विकास में पालक, बालक, शिक्षक एवं समुदाय की सहभागिता अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि शिक्षा की वास्तविक सफलता के लिए पालक को जागरूक होना आवश्यक है। विधायक सिन्हा ने पालकों से बच्चों की शिक्षा के प्रति सजग रहने, विद्यालय से निरंतर संवाद बनाए रखने तथा बच्चों के नैतिक, बौद्धिक एवं सामाजिक विकास में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि पालकों की जागरूकता ही शिक्षा व्यवस्था की मुख्य धुरी है, जो बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की नींव रखती है।


इस अवसर पर अतिथियों ने सामुदायिक सहभागिता को शिक्षा की गुणवत्ता सुधार का आधार बताते हुए सभी पालकों एवं शिक्षकों से सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया। उपस्थित पालकों ने भी विद्यालय विकास एवं बच्चों की शैक्षणिक उन्नति में सहयोग देने का संकल्प व्यक्त किया। कार्यक्रम में  जिला मिशन समन्वयक (समग्र शिक्षा) रेखराज शर्मा, विकासखंड शिक्षा अधिकारी लीलाधर सिन्हा, सहायक विकासखंड शिक्षा अधिकारी तारिका कुंजाम तथा बीआरसीसी महासमुंद जागेश्वर सिन्हा सहित शिक्षा विभाग के अधिकारी, संकुल समन्वयक, शिक्षक एवं बड़ी संख्या में पालकगण उपस्थित रहे।


कार्यक्रम के दौरान विभिन्न शैक्षिक विषयों पर नियुक्त नोडल अधिकारियों द्वारा विस्तृत एवं उपयोगी जानकारी प्रदान की गई। ओम नारायण शर्मा ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के प्रमुख प्रावधानों, नई शैक्षणिक संरचना, कौशल विकास एवं मातृभाषा आधारित शिक्षण के महत्व पर प्रकाश डाला। कविता देवांगन ने नवाजतन कार्यक्रम के उद्देश्यों एवं विद्यार्थियों में नवाचार और रचनात्मकता को बढ़ावा देने के प्रयासों की जानकारी दी। भारती सोनी ने अंगना म शिक्षा अभियान के माध्यम से प्रारंभिक शिक्षा में समुदाय एवं माताओं की सहभागिता की भूमिका को रेखांकित किया। के.आर. सोनवानी ने कठपुतली प्रदर्शन के माध्यम से शैक्षिक संदेश प्रस्तुत कर उपस्थितजनों को जागरूक किया। नीलकंठ यादव ने सामुदायिक सहभागिता की आवश्यकता, स्कूल प्रबंधन समिति की भूमिका एवं जनसहयोग से विद्यालय विकास के आयामों पर विस्तार से जानकारी दी।

दुर्गा यादव ने बालवाड़ी संचालन एवं प्रारंभिक बाल्यावस्था देखभाल एवं शिक्षा के महत्व को समझाया। बलराम नेताम ने आधारभूत साक्षरता एवं संख्यात्मक ज्ञान (एफ.एल.एन.) के लक्ष्यों और रणनीतियों पर प्रकाश डाला, वहीं रामनाथ यादव ने गतिविधि आधारित शिक्षा के माध्यम से शिक्षण को आनंदमय एवं प्रभावी बनाने के उपाय साझा किए।


इस अवसर पर शिक्षकों द्वारा निर्मित शिक्षण अधिगम सामग्री (टीएलएम) की प्रदर्शन प्रतियोगिता भी आयोजित की गई, जिसमें संकुल तुमगांव के शिक्षक बलराम नेताम ने प्रथम स्थान प्राप्त किया, देवेंद्र दीवान द्वितीय तथा हेमवतीन तृतीय स्थान पर रहीं। प्रतियोगिता के निर्णायक के रूप में राधेश्याम साहू एवं खेमराज साहू उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन खेमिन साहू द्वारा किया गया। कार्यक्रम में संकुल समन्वयक अशोक साहू,पवन साहू, सुरेश कुमार पटेल, आशीष साहू, नीरज साहू, सुरेंद्र चंद्राकर, ईश्वर कमार, ललित किशोर बया, फानेंद्र बंजारे, टाकेश्वर साहू एवं केशव साहू का विशेष योगदान रहा।

By kgnews

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