राजनांदगांव। जिला अस्पताल की लापरवाही से प्रसूता की मौत मामले में बड़ा एक्शन हुआ है। कलेक्टर जितेंद्र यादव ने जिला अस्पताल के सिविल सर्जन डॉ. यूएस चंद्रवंशी को हटा दिया है। उनकी जगह रेसिडेंट मेडिकल ऑफिसर डॉ. महेंद्र को सिविल सर्जन का चार्ज दिया है। डॉ. महेंद्र को सिविल सर्जन का भौतिक सहित वित्तीय चार्ज भी दे दिया गया है। वहीं जारी आदेश में कार्रवाई को प्रशासनिक और हॉस्पिटल में चिकित्सीय कसावट के लिए बताया गया है। शुक्रवार शाम कलेक्टर ने आदेश जारी किया। बता दें कि 1 फरवरी को कंचनबाग निवासी 27 वर्षीय करुणा बांसफोड़ को डिलीवरी के लिए मदर एंड चाइल्ड केयर यूनिट में दाखिल किया गया था, जहां नॉर्मल डिलीवरी के बाद उसकी हालत बिगड़ती चली गई। जिसे जिला अस्पताल से मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया। जहां प्रसूता करुणा बांसफोड़ की मौत हो गई।

प्रसूता की मौत के बाद परिवार ने आरोप लगाया था कि अस्पताल में इलाज में देरी की गई। अनदेखी के चलते करुणा की नॉर्मल डिलीवरी हो गई। जिससे उसकी हालत और बिगड़ी और उसने दम तोड़ दिया। कलेक्टर ने दिया था जांच व कार्रवाई का आश्वासन प्रसूता की मौत के बाद परिजनों और कांग्रेस नेताओं ने लिखित शिकायत कर जांच की मांग की । जिसके बाद कलेक्टर जितेंद्र यादव ने पांच सदस्यीय जांच टीम बनाई। सूत्रों के मुताबिक प्राथमिक जांच में प्रसूता के इलाज में हास्पिटल प्रबंधन की ओर से लापरवाही उजागर हुई है। जिसकी रिपोर्ट कलेक्टर को सौंपी गई थी।

By kgnews

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