रायपुर: सामान्य सी गतिविधियां जो हमारे जीवन के लिए बेहद आसान होती हैं जैसे पहली मंजिल पर किसी आफिस में चढ़कर आवेदन देना अथवा गाड़ी खराब होने पर कहीं भी मरम्मत करा लेना, दिव्यांगजनों के जीवन में झांककर देखिये तो उन्हें ऐसी स्थितियां बेहद असहज जान पड़ती हैं इसलिए ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश में सुगम्य भारत अभियान चलाया।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इस अभियान के तहत सरकारी कार्यालयों को सुगम्य बनाने तो काम किया ही, वे लगातार उन क्षेत्रों पर काम करने जोर दे रहे हैं जहां अब भी दिव्यांगजनों को दिक्कत बनी हुई है। इसका एक छोटा सा उदाहरण दिव्यांगजनों की ट्राइसाइकल खराब होने पर मरम्मत की बात हो, यह किसी भी गैरेज में नहीं होता, काफी मशक्कत करनी पड़ती है।
मुख्यमंत्री साय के निर्देश पर रायपुर कलेक्टर डा. गौरव सिंह ने रायपुर में पहला दिव्यांग गैरेज बनाया है यहां पर दिव्यांगजनों से संबंधित सभी तरह की सामग्री का मेंटेंनेस होता है, बड़ी बात यह भी है कि मेंटेनेंस का सारा काम दिव्यांगजन ही करते हैं। इस दिव्यांग गैरेज का नाम रखा गया है संबल और यहां सारा काम निःशुल्क होता है।
यहीं नहीं यदि कोई पार्ट्स बादलना हो वह भी दिया जाता है। यहां पर जल्द ही आर्टिफिशियल लिम्ब्स बनाने वाली मशीन लगने जा रही है। इस केन्द्र के लिए निगम की पुरानी इमारत जो काफी टूट-फूट गई थी, उसे मरम्मत कर नया रूप दिया गया। गौरतलब है कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने वृद्धजन दिवस के दिन 01 अक्टूबर को दिव्यांग गैरेज की घोषणा की थी। इसके परिपालन में 03 दिसंबर को इसकी शुरूआत हुई, एक ऐसी पहल, जो दिव्यांगजनों के जीवन को आसान बनाने के साथ उन्हें रोज़गार और आत्मसम्मान भी दे रही है।
कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह के मार्गदर्शन में की गई इस पहल की खास बात यह है कि यह गैरेज खुद दिव्यांगजनों द्वारा संचालित है। कुलदीप मिंज 90 प्रतिशत दिव्यांग है वे दिव्यांग जनों के उपकरणों की मरम्मत का कार्य करते है, कुलदीप जन्म से ही दिव्यांग नहीं थे, एक घटना के कारण उन्हें अपने दोनों पैर गंवाने पड़े फिर भी उन्होंने हार नहीं मानी एवं कृत्रिम पैर का उपयोग कर अपना जीवन यापन करते हैं एवं दिव्यांग जनों के उपकरण की मरम्मत करते हैं।
चंद्रपाल मानिकपुरी जो 80 प्रतिशत बचपन से दिव्यांग हैं वे इस प्रोजेक्ट के अंतर्गत डाटा एंट्री ऑपरेटर कार्य करते हैं एवं जो भी दिव्यांगजन अपनी समस्या लेकर आते हैं उसे कंप्यूटर में दर्ज करते हैं।
