राजनांदगांव , जिला अस्पताल परिसर में पांच मंजिला 100 बेड मदर एंड चाइल्ड केयर यूनिट है। यहां लिफ्ट खराब होने से मरीजों और परिजनों की परेशानी बढ़ गई है। इस मांच मंजिला भवन के ग्राउंड फ्लोर में ओटी है। वहीं फ़र्स्ट फ्लोर में गायनिक और बच्चा ओपीडी है। यहां गायनिक ओपीडी तक गर्भवतियों को बिना लिफ्ट जाना पड़ रहा। इसके अलावा बच्चों की जांच और इलाज कराने माताएं अपने नवजातों और बच्चों को लेकर इसी रैंप से फ़र्स्ट फ्लोर तक पहुंच रही। परिजनों को भी बार-बार इसी रैंप से ऊपर जाना पड़ रहा है।
यहां पर कुल 2 लिफ्ट की सुविधा है इसमें एक लिफ्ट भीतर की तरफ ऑपरेशन थिएटर के पास मौजूद है। लेकिन सामने वाले हॉल से लेबर रूम को पार कर लिफ्ट तक पहुंचना संभव नहीं होता। यहां पुरुषों की आवाजाही प्रतिबंधित होती है। अभी इसी लिफ्ट से प्रसूताओं को ऑपरेशन के बाद चौथे माले पर जनरल वार्ड तक पहुंचाया जाता है। यह लिफ्ट भीतर की तरफ होने के कारण केवल स्टाफ इसका उपयोग कर पाता है। लेकिन बुजुर्गों, गर्भवतियों, शिशुवतियों को इस बिल्डिंग में रैंप और सीढ़ी से ऊपर जाने में समस्या हो रही है।
इसी बिल्डिंग में एसएसीयू, गायनिक और बच्चा वार्ड: इसी बिल्डिंग में एसएनसीयू और चौथे माले में जनरल वार्ड है। गर्भवतियों के ऑपरेशन के बाद उन्हें इसी जनरल वार्ड में शिफ्टिंग की जाती है। करीब पांच दिन जच्चा-बच्चा को निगरानी में रखा जाता है। परिजनों की आवाजाही रहती है।
