स्वामित्व योजना, वन अधिकार पत्र, नक्शा बटांकन, सीमांकन, भूमि आबंटन आदि प्रकरणों केनिराकरण में प्रगति लाने के निर्देश
गौरेला पेंड्रा मरवाही, कलेक्टर लीना कमलेश मंडावी ने आज कलेक्ट्रेट के अरपा सभा कक्ष में राजस्व अधिकारियों की बैठक लेकर विभागीय काम-काज की तहसीलवार विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने स्वामित्व योजना, वन अधिकार पत्र, नक्शा बटांकन, सीमांकन, भूमि आबंटन सहित सभी राजस्व प्रकरणों के निराकरण में प्रगति लाने और लंबित प्रकरणों को समय सीमा के भीतर निराकृत करने के निर्देश दिए। समीक्षा के दौरान पाया गया कि स्वामित्व योजना के तहत 213 गावों में ड्रोन तकनीकि का उपयोग करके भूमि सर्वेक्षण एवं आवासीय जमीनों का सीमांकन तथा 17 गावों में अधिकार पत्र वितरित किया गया है। उन्होंने स्वामीत्व योजना के तहत सर्वेक्षित सभी गावों में मैप एक एवं मैप दो का सत्यापन एवं अधिकार अभिलेख वितरण करने के निर्देश दिए।
कलेक्टर ने नक्शा बटांकन का कार्य संतोषप्रद नहीं होने पर नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि नक्शा बटांकन की जवाबदारी राजस्व निरीक्षकों का है। राजस्व निरीक्षक पटवारियों को प्रतिदिन का लक्ष्य देकर नक्शा बटांकन में प्रगति लाए तथा पटवारियों की बैठक लेकर नियमित रुप से समीक्षा करें। उन्होंने कहा कि सीमांकन के लिए किसी का भी आवेदन लेने से मना नही कर सकते। यदि सीमांकन के लिए दस्तावेज की आवश्यकता पड़ती है तो आवेदक से उसकी मांग करें और विधिवत सीमांकन की कार्यवाई करें। सीमांकन होने, नहीं होने, स्थगित होने अथवा खारिज होने की स्थिति में आवेदक को अवगत भी कराए। उन्होंने अविवादित नामांतरण, विवादित नामांतरण, अविवादित बटवारा एवं विवादित बटवारा की समीक्षा करते हुए कहा कि अविवादित नामांतरण एवं अविवादित बटवारा का एक भी प्रकरण लंबित नहीं होना चाहिए।
कलेक्टर ने ऐसे वन अधिकार पट्टा धारक जिनका मृत्यु हो गया है, उनके फौती, नामांतरण एवं अधिकार पत्रों पर उत्तराधिकारियों का नाम राजस्व अभिलेख में प्रविष्टि करने के निर्देश दिए। उन्होंने भूमि आबंटन के प्रकरणों को गंभीरता से लेते हुए कहा कि राजस्व अधिकारी भूमि आबंटन के पूर्व राजस्व रिकार्ड की अच्छी तरह जांच कर लें ताकि पूर्व में किसी और विभाग को आबंटित तो नहीं हुआ है। उन्होंने कहा कि भूमि आबंटन के पूर्व मौके पर जाकर स्थल निरीक्षण करें और आबंटन उपरांत रिकार्ड दुरुस्त कर लें।
उन्होंने डिजिटल क्राप सर्वे रबी मौसम का शेष कार्य पूर्ण करने, आधार प्रविष्टि, अभिलेख शुध्दता, प्रायमरी स्कूल और आंगनबाड़ी केन्द्र के बच्चों का जाति प्रमाण पत्र बनाने, भू-अर्जन प्रकरणों मे मुआवजा वितरण, बकाया राजस्व वसूली, अतिक्रमण, आरबीसी 6-4 के तहत आर्थिक सहायता, उच्च न्यायलय में लंबित न्यायलीन प्रकरणों, लोकसेवा गारंटी अधिनियम आदि की समीक्षा की और प्रकरणों के निराकरण में प्रगति लाने के निर्देश दिए।
कलेक्टर ने ग्रामीणों की सुविधा के लिए पटवारियों को सप्ताह में दो दिन पंचायत भवन में बैठने के लिए निर्देशित करने कहा। साथ ही कलेक्टर जनदर्शन में प्राप्त राजस्व विभाग से संबंधित आवेदनों का परीक्षण कर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। बैठक में अपर कलेक्टर सह जिला पंचायत सीईओ मुकेश रावटे, संयुक्त कलेक्टर दिलेराम डाहिरे, एसडीएम पेंड्रारोड विक्रांत अंचल, एसडीएम मरवाही देवेन्द्र सिरमौर, डिप्टि कलेक्टर अमित बेक, डिप्टि कलेक्टर निकिता मरकाम, सभी तहसीलदार, नायब तहसीलदार, अधीक्षक भू-अभिलेख एवं राजस्व निरीक्षक उपस्थित थे।
