सफलता के लिये समय का प्रभावी प्रबंधन आवश्यक : महानिदेशक डॉ. कोठारी

मैपकास्ट में एआई आधारित तकनीकी उद्यमिता विकास कार्यक्रम का हुआ समापन
युवाओं में नवाचार एवं स्टार्ट-अप संस्कृति को मिला प्रोत्साहन

भोपाल
मैपकास्ट के महानिदेशक डॉ. अनिल कोठारी ने कहा है कि विज्ञान और नवाचार के क्षेत्र में सफलता प्राप्त करने के लिए आत्मविश्वास, सकारात्मक सोच और समय का प्रभावी प्रबंधन अत्यंत आवश्यक है। किसी भी विचार को वास्तविकता में बदलने के लिए “आई कैन” की भावना सबसे महत्वपूर्ण होती है। डॉ. कोठारी ने बताया कि परिषद विज्ञान एवं नवाचार के लगभग 18 क्षेत्रों जैसे कृषि, वेटनरी, चिकित्सा, इंजीनियरिंग एवं आईटी में तकनीकी परामर्श, संस्थागत सहयोग, प्रशिक्षण तथा वित्तीय सहायता उपलब्ध करा रही है। साथ ही परिषद युवाओं को उद्योगों और संस्थानों से जोड़ने का भी कार्य कर रही है, जिससे उनके नवाचारों को आगे बढ़ने का बेहतर अवसर मिल सके। डॉ. कोठारी मध्यप्रदेश विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद द्वारा एआई आधारित तकनीकी उद्यमिता विकास कार्यक्रम के समापन समारोह को संबोधित कर रहे थे।

छह सप्ताह तक संचालित इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में प्रतिभागियों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, जनरेटिव एआई टूल्स और उद्यमिता कौशल से संबंधित व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान किया गया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य युवाओं में नवाचार, तकनीकी दक्षता और उद्यमशील सोच का विकास करते हुए उन्हें स्टार्ट-अप एवं स्व-रोजगार के लिए प्रेरित करना रहा। प्रशिक्षण में प्रतिभागियों को इंटरएक्टिव डिजिटल टूल्स, ग्राफिक्स और ऑगमेंटेड रियलिटी जैसी आधुनिक तकनीकों से भी अवगत कराया गया। कार्यक्रम प्रदेश में एआई आधारित स्टार्टअप संस्कृति को बढ़ावा देने, युवाओं को तकनीकी रूप से सशक्त बनाने और आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश की दिशा में नए अवसर सृजित करने की एक महत्वपूर्ण पहल सिद्ध होगा।

कार्यक्रम में प्रतिभागियों ने अपने अनुभव साझा करते हुए प्रशिक्षण को उपयोगी बताया। प्रतिभागी श्री प्रतीक बाघरे ने कहा कि मार्केटिंग, इंडिया फर्स्ट की अवधारणा और प्रॉम्प्ट इंजीनियरिंग जैसे विषयों पर आयोजित सत्र अत्यंत लाभकारी रहे। साथ ही आईआईआईएफआर भोपाल के शैक्षणिक भ्रमण से स्टार्ट-अप इको-सिस्टम को समझने का भी अवसर प्राप्त हुआ। प्रतिभागी श्री राहुल तिवारी ने कहा कि कार्यक्रम के माध्यम से नवाचार और तकनीक के उपयोग से जुड़े अनेक नए आयाम सीखने को मिले तथा समन्वयकों का मार्गदर्शन सराहनीय रहा। वहीं श्री उदित वर्मा ने बताया कि इस प्रशिक्षण ने उन्हें स्व-रोजगार और उद्यमिता की दिशा में आगे बढ़ने की प्रेरणा दी।

कार्यक्रम के समापन पर प्रतिभागियों को प्रमाण-पत्र भी वितरित किए गए। कार्यक्रम के संचालन एवं समन्वय में डॉ. प्रवीण विद्यार्थी, श्री अवनीश शर्मा, सुश्री तन्या चतुर्वेदी एवं श्री रविंद्र कोरेव की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

 

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