अंबागढ़ चौकी , स्टेट हाईवे राजनांदगांव से लेकर मानपुर तक सड़क निर्माण स्वीकृति की बात लगातार सामने आ रही है किन्तु अब तक सड़क निर्माण शुरू नहीं होने से राहगीरों में भारी रोष है। आमजन लगातार खराब सड़क में चलने को मजबूर हैं, जिससे आये दिन दुर्घटना की आशंका बनीं रहती है। शासन-प्रशासन इसमें कोई खास रुचि नहीं दिखा रहे है।
लंबे समय से सड़क स्वीकृति का कार्य हो गया है जिसमें 290 करोड़ रुपए का कुल लागत आंकी गई है, किंतु जब टेंडर की बात आई तो दो ठेकेदारों के बीच बराबर दर में टेंडर लेने के बाद पुनः टेंडर किया गया। इसमें निर्माण कंपनी अमर बिल्डर्स दुर्ग को सड़क निर्माण का कार्य दिया गया था। पूरी प्रक्रिया पूर्ण होने से पहले ही उस टेंडर प्रक्रिया में निर्माण एजेंसी के ऊपर अनियमितता व भ्रष्टाचार की कई शिकायतों के कारण दोबारा टेंडर बुलाया गया है। राजनांदगांव-मानपुर सड़क छत्तीसगढ़ महाराष्ट्र के लिए बड़ा कारीडोर साबित होगा। यही नहीं यह सड़क छत्तीसगढ़ को सीधे महाराष्ट्र से जोड़ेगी। इससे सुविधा होगी।
सांसद की शिकायत के बाद लटका हुआ है टेंडर विदित हो कि राजनांदगांव मानपुर सड़क के लिए स्वीकृति के ठीक बाद टेंडर प्रक्रिया हुई। लेकिन दो निर्माण एजेंसी ने समान दर प्रस्तुत की, सामान दर के चलते टेंडर पूरी नहीं हो पाई। इसके बाद दोबारा टेंडर की प्रक्रिया शुरू हुई जिसमें पीडब्लूडी विभाग ने दुर्ग के अमर बिल्डर्स कंपनी को टेंडर दिया है। लेकिन सांसद संतोष पांडे के द्वारा इसमें फर्जीवाड़ा व अनियमितता जैसी शिकायत सामने आ गई है। जिस पर पीडब्ल्यूडी के सचिव ने जांच के आदेश दिए है।
