टीबी मुक्त भारत अभियान को देना होगा जनआंदोलन का रूप: उप मुख्यमंत्री शुक्ल

टीबी मुक्त भारत अभियान को देना होगा जनआंदोलन का रूप: उप मुख्यमंत्री शुक्ल

100 दिवसीय टीबी मुक्त भारत अभियान का प्रदेश में किया शुभारंभ
प्रीडिक्टिव एनालिसिस से प्रदेश में चिन्हित 13 हज़ार 428 फोकस क्षेत्रों में होगी सघन स्क्रीनिंग
एआई इनेबल्ड एक्स-रे से टीबी उन्मूलन के प्रयासों को मिलेगी गति

भोपाल 

उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने विश्व टीबी दिवस के अवसर पर गांधी मेडिकल कॉलेज, भोपाल से प्रदेश में 100 दिवसीय टीबी मुक्त भारत अभियान का शुभारंभ किया। उन्होंने कहा कि यह केवल एक शासकीय कार्यक्रम नहीं, इस अभियान को जनआंदोलन का रूप देने होगा। अभियान में स्वास्थ्य अमले के साथ समाज के प्रत्येक वर्ग की भागीदारी आवश्यक है। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि टीबी को जड़ से समाप्त करने के लिए समय पर पहचान, उपचार और पोषण अत्यंत महत्वपूर्ण है। यदि रोग की प्रारंभिक अवस्था में पहचान हो जाए, तो इसका प्रभावी और सरल प्रबंधन संभव है। इस दिशा में जागरूकता बढ़ाना और लोगों को जांच के लिए प्रेरित करना सभी की जिम्मेदारी है।

उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने प्रदेश के आम नागरिकों, जनप्रतिनिधियों, समाजसेवियों एवं स्वयंसेवी संगठनों से निक्षय पोषण योजना में सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने की अपील की। उन्होंने टीबी मरीजों को पोषण सहायता प्रदान करने में समाज के जागरूक नागरिकों, समाजसेवियों से सक्रिय सहयोग आहवान किया। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने पूर्व में अभियान में सहयोग देने वाले सभी वर्गों का आभार व्यक्त किया और स्वास्थ्य अमले—डॉक्टर, नर्स, पैरामेडिकल स्टाफ एवं फील्ड वर्कर्स—की निरंतर सेवा, समर्पण और कठिन परिश्रम की सराहना की। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि प्रदेश में पूर्व में किए गए समेकित प्रयासों की तरह ही इस बार भी सभी की सहभागिता से हम टीबी को हराकर टीबी मुक्त भारत के लक्ष्य को निश्चित रूप से प्राप्त करेंगे।

उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि राज्य सरकार स्वास्थ्य क्षेत्र में किसी भी प्रकार के संसाधनों की कमी नहीं आने दे रही है। स्वास्थ्य संस्थानों के सशक्तीकरण, उन्नयन, आधुनिक उपकरणों की उपलब्धता, चिकित्सा शिक्षा संस्थानों के विस्तार और पर्याप्त चिकित्सकीय मानव संसाधन सुनिश्चित करने के लिए निरंतर कार्य किया जा रहा है। सरकार का लक्ष्य है कि प्रदेश के किसी भी मरीज को संसाधनों के अभाव में अन्यत्र रेफर करने की आवश्यकता न पड़े और उसे स्थानीय स्तर पर ही गुणवत्तापूर्ण उपचार उपलब्ध हो। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने स्क्रीनिंग प्रक्रिया और निक्षय पोर्टल में एंट्री की प्रक्रिया का अवलोकन किया। उन्होंने एआई इनेबल्ड हैंडहेल्ड एक्स-रे की कार्यप्रणाली समझी। कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने निक्षय पोषण योजना के अंतर्गत टीबी मरीजों को फूड बास्केट वितरित किए। साथ ही टीबी जागरूकता क्विज में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले छात्रों को सम्मानित कर प्रोत्साहित किया।

एमडी एनएचएम डॉ सलोनी सिडाना ने बताया कि मध्यप्रदेश 100 दिवसीय निक्षय भारत अभियान (7 दिसंबर 2024 से 24 मार्च 2025) के दौरान देश में अग्रणी रहा है। इस अवधि में 23 संवेदनशील जिलों के ग्रामीण क्षेत्रों में सघन स्क्रीनिंग अभियान चलाया गया, जिसमें संभावित मरीजों की पहचान कर उनका उपचार सुनिश्चित किया गया और उन्हें आवश्यक पोषण सहयोग भी प्रदान किया गया। उन्होंने बताया कि इस बार अभियान को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए आधुनिक तकनीकी साधनों का व्यापक उपयोग किया जा रहा है। डॉ. सिडाना ने बताया कि इस बार प्रदेश में आधुनिक तकनीकी का उपयोग कर एआई मैपिंग के द्वारा हेल्थ पैरामीटर्स के आधार पर प्रीडिक्टिव एनालिसिस से प्रदेश में 13,428 फोकस क्षेत्रों की पहचान की गई है, जिनमें मुख्य रूप से शहरी क्षेत्र शामिल हैं। इन चिन्हित क्षेत्रों में लक्षित रणनीति के तहत सघन स्क्रीनिंग, जांच एवं उपचार की व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी।

डॉ सिडाना ने बताया कि रेडियोडायग्नोसिस सेवाओं को सुदृढ़ करने के लिए भी नवाचार किए जा रहे हैं। स्टाफ की कमी को दूर करने के लिये तकनीक का उपयोग करते हुए पारंपरिक एक्स-रे मशीनों के साथ प्रदेश में 86 एआई-सक्षम हैंडहेल्ड एक्स-रे मशीनों का उपयोग किया जाएगा। इससे दूरस्थ एवं घनी आबादी वाले क्षेत्रों में भी तेज और सटीक स्क्रीनिंग संभव हो सकेगी। डीन, गांधी मेडिकल कॉलेज डॉ कविता सिंह ने जानकारी दी कि प्रदेश में टीबी प्रबंधन के क्षेत्र में लगातार सुधार हुआ है। सक्रिय केस फाइंडिंग, बेहतर रिपोर्टिंग और उपचार व्यवस्था के कारण टीबी नोटिफिकेशन दर में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है, जो वर्ष 2022 में 6 प्रतिशत थी और वर्ष 2026 में बढ़कर 11.48 प्रतिशत हो गई है। यह वृद्धि इस बात का संकेत है कि अधिक से अधिक मरीजों की पहचान कर उन्हें उपचार से जोड़ा जा रहा है। उन्होंने कहा कि भविष्य में भी इसी तरह की समन्वित रणनीति, तकनीकी नवाचार और जनभागीदारी के माध्यम से प्रदेश टीबी उन्मूलन के लक्ष्य को शीघ्र प्राप्त करने की दिशा में अग्रसर रहेगा। कार्यक्रम में विभिन्न मेडिकल कॉलेज के छात्र, विभागीय अधिकारी उपस्थित थें।

 

Admin

Share
Published by
Admin

Recent Posts

’विशेष पिछड़ी जनजातियों के जीवन स्तर में सुधार लाने योजनाओं का लाभ प्राथमिकता से पहुंचे’

’विशेष पिछड़ी जनजातियों के जीवन स्तर में सुधार लाने योजनाओं का लाभ प्राथमिकता से पहुंचे’

रायपुर ’राज्यपाल  डेका ने की पीएम जनमन योजना की समीक्षा’ राज्यपाल  रमेन डेका ने आज…

43 minutes ago
वन विभाग में तकनीकी नवाचार को बढ़ावा देने आईटी ट्रेनिंग हॉल का लोकार्पण

वन विभाग में तकनीकी नवाचार को बढ़ावा देने आईटी ट्रेनिंग हॉल का लोकार्पण

भोपाल  प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं वन बल प्रमुख  शुभरंजन सेन ने भोपाल स्थित वन…

53 minutes ago
नरसिंहपुर पुलिस की बड़ी सफलता

नरसिंहपुर पुलिस की बड़ी सफलता

भोपाल मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा प्रदेशभर में संपत्ति संबंधी अपराधों पर प्रभावी अंकुश लगाने, अपराधियों के…

58 minutes ago
अशोकनगर पुलिस की बड़ी सफलता

अशोकनगर पुलिस की बड़ी सफलता

भोपाल  अशोकनगर पुलिस ने तत्परता, संवेदनशीलता एवं पेशेवर दक्षता का परिचय देते हुए मात्र 06…

1 hour ago
सिंहस्थ: 2028, श्रद्धालुओं को मिलेगा माँ शिप्रा के जल से स्नान का पुण्य लाभ : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

सिंहस्थ: 2028, श्रद्धालुओं को मिलेगा माँ शिप्रा के जल से स्नान का पुण्य लाभ : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि सिंहस्थ : 2028 में 30 किलोमीटर…

1 hour ago
मुख्यमंत्री डॉ. यादव बुधवार को भारत भवन में सदानीरा समागम का करेंगे शुभारंभ

मुख्यमंत्री डॉ. यादव बुधवार को भारत भवन में सदानीरा समागम का करेंगे शुभारंभ

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, बुधवार 27 मई को भारत भवन में 'जल गंगा संवर्धन…

1 hour ago