भोपाल

पुलिस मुख्यालय की हाल ही में एक रिपोर्ट में उसे चौका दिया है। दरअसल पुलिस मुख्यालय ने दो पहिया वाहन चालकों की होने वाली मौतों में से उस आंकड़े का छांटा है, जो गाड़ी में पीछे की ओर बैठे हुए थे। यह आंकड़ा भी कम भयावह नहीं हैं। प्रदेश में हर साल होने वाली दो पहिया वाहन सवारों की मौत में से औसतन तीस प्रतिशत ऐसे लोगों की मौत होती है जो वाहन की पीछे वाली सीट पर बैठते हैं।

आंकड़ों के मुताबिक, पिछले साल बिना हेलमेट के दोपहिया वाहन चलाने वाले 4,869 लोगों की मौत हो गई, जिनमें से 1,425 पीछे बैठे लोग थे।हाल ही में, मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय ने सभी दोपहिया वाहनों और पीछे बैठने वालों के लिए हेलमेट पहनना अनिवार्य करने का आदेश जारी किया। हाई कोर्ट की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि इसे 15 जनवरी 2024 से पहले राज्य में लागू किया जाए। इस आदेश के बाद पुलिस मुख्यालय ने इस आंकड़े पर भी गौर किया तो पता चला कि इतनी बढ़ी संख्या में इनकी हर साल मौत हो रही है। 2022 में राज्य में हुई सड़क दुर्घटनाओं की कुल संख्या 25,633 है। इसमें दोपहिया और चारपहिया वाहन शामिल हैं।

इसलिए चलाया जा रहा जागरुकता कार्यक्रम
एडीजी पीटीआरआई जी जनार्दन के निर्देश पर प्रदेश में इन दिनों जागरूकता कार्यक्रम चलाया जा रहा है। इसके साथ ही दो महीने तक लगातार हेलमेट और सीटबेल्ट की चैकिंग भी अभियान के रूप में जारी है। जागरुकता कार्यक्रम कॉलेजों और अन्य शैक्षणिक संस्थानों में भी आयोजित किए जाएंगे। यातायात नियमों को लागू करने के लिए अन्य विभागों से भी सहायता मांगी जा रही है।

By kgnews

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